कांग्रेस का क़िला अमेठी में कैसे हुआ ढेर ,क्यों हार गए राहुल , जाने अंदर की कहानी

Date:

कांग्रेस का क़िला अमेठी में कैसे हुआ ढेर ,क्यों हार गए राहुल , जाने अंदर की कहानी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हार के कारणों का पता लगाने वाली कांग्रेस की दो सदस्यीय समिति कई राज़ किया फ़ाश , समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का सहयोग नहीं मिलना हार की बड़ी वजह बताया गया .

नई दिल्ली :2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा हार मान लेने के बाद पार्टी के अंदर उठा पटक और बैठकों का दौर जारी है. सबसे ज्यादा चर्चा खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अमेठी लोकसभा सीट पर हार की है.

राहुल गांधी की हार के कारणों का पता लगाने वाली कांग्रेस की दो सदस्यीय समिति को बताया गया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का सहयोग नहीं मिलना उनकी हार की बड़ी वजह है . यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में उनके प्रतिनिधि कांग्रेस सचिव जुबेर खान और के. एल. शर्मा को स्पष्ट तौर पर बताया गया कि सपा और बसपा की अमेठी इकाइयों ने कांग्रेस को सहयोग नहीं किया बल्कि इन दोनों पार्टियों के एक बड़े हिस्से का वोट भाजपा को चला गया.


आपको हम बता दें 2014 में बसपा प्रत्याशी को 75,716 वोट मिले थे ,अगर ये वोट कांग्रेस को २०१९ में मिला होता तो कांग्रेस की हार जीत में बदल जाती . आपको बता दें कि इस बार भाजपा की स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को 55,000 वोटों के अंतर से हरा दिया है . अमेठी के जिला कांग्रेस अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने भी इस आरोप का समर्थन किया कि सपा और बसपा ने कांग्रेस को सहयोग नहीं किया, जबकि उनके नेताओं ने राहुल के पक्ष में समर्थन का एलान किया था.

मिश्रा ने कहा, सपा के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के पुत्र अनिल प्रजापति खुलेआम BJP के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे थे. गौरीगंज से सपा विधायक राकेश सिंह अपने ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों को बचाए रखने के लिए भाजपा के साथ गए. हालांकि राकेश सिंह ने इस आरोप का खंडन किया.

किन विधान सभा इलाक़ों से हारी कांग्रेस
अमेठी के चार विधानसभा क्षेत्रों में राहुल गाँधी को हार मिली जबकि गौरीगंज में हार का अंतर सबसे ज्यादा (18,000) था. वह अमेठी में आगे रहे, लेकिन तिलाई, जगदीशपुर और सलोन विधानसभा क्षेत्रों में पिछड़ गए. दो सदस्यीय समिति ने गौरगंज और तिलोई में पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया ली. समिति अगले दो दिनों के दौरान जगदीशपुर, सलोन और अमेठी में कार्यकर्ताओं से मिलकर अंतिम रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को अगले हफ्ते सौंपेगी .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Iran Turns to Russia as Fragile Ceasefire Faces New Strain

Pakistan and Oman continue to play a quiet but...

Legal Seminar on Electoral Reforms Held in Delhi

PRESS RELEASE Legal seminar on 'Electoral Reforms and Empowering the...

बंगाल के पहले चरण पर इससे सटीक विश्लेषण नहीं हो सकता

1st फेज़ की बम्पर पोलिंग की हर तरफ चर्चा...

बाज़ी हारने वाले को बाज़ीगर नहीं कहते

17 अप्रैल को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी, अपने 11...