…बड़ी खबर :ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया कांग्रेस से इस्तीफ़ा , BJP मंत्री मंडल में हो सकते हैं शामिल

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पूर्व कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज मंगलवार को मुलाकात की. मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार की होली

कल तक संसद में मोदी को बे नक़ाब करने वाले ज्योति आज उन्ही की गोदी में

नई दिल्ली: top news bureau//रंगों का हमेशा महत्व रहा है जैसा की हम जानते हैं कांग्रेस के तीन रंगों में से एक सफ़ेद रंग निकालकर बीजेपी का दुरंगा बना है हालांकि राजनीतिग सभी दुरंगे होते हैं कुछ को छोड़कर . आज जब देश होलिका का दहन के पर्व में यानी बुराई पर अच्छाई के त्यौहार में रंगा हुआ था तभी एक खबर गुलाल की तरह उड़ते हुए देश में फेल गयी , ज्योति रदित्य हो सकते हैं बीजेपी में शामिल , हालाँकि उनको स्वाइन फ्लू भी बताया गया था .

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गृहमंत्री अमित शाह के साथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर आज मंगलवार को मुलाकात करने के बाद इस्तीफा दे दिया है. यह इस्तीफा उन्होंने 9 मार्च को ही दे दिया था, जिसकी कॉपी ज्योदिरादित्य सिंधिया ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर होली के दिन जानकारी दी.इस खबर के बाद कहीं होली का रंग फीका हुआ तो कहीं और तेज़ होगया .

उधर खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ अहम बैठक की. इतना ही नहीं, कांग्रेस के 20 विधायक इस्तीफे के लिए तैयार हैं. थोड़ी देर में फैक्स के जरिए विधानसभा को सूचित करेंगे. सूत्रों के हवाले यह भी खबर मिली है कि मध्य प्रदेश के भोपाल में बीजेपी संसदीय दल की बैठक आज शाम करीब 6 बजे होगी. एमपी के राज्यपाल छुट्टी रद्द कर भोपाल पहुंच रहे हैं. सरकार गठन को लेकर मंजूरी मिलने की संभावना है.

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कहना है कि सिंधिया को ‘स्वाइनफ्लू’ हो गया है. इसलिए उनसे बातचीत नहीं हो पा रही है. दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘हमने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन हमें कहा गया कि उन्हें स्वाइन फ्लू है, इसलिए वे बात नहीं कर पाएंगे.’ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा, ‘जो भी मध्य प्रदेश में जनादेश का अपमान करने की कोशिश करेगा, उसे जनता मुंहतोड़ जवाब देगी. अगर आप मुझसे पूछते हैं तो ऑल इज वेल.’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘जो सही कोंग्रेसी है, वो कांग्रेस में ही रहेगा.’
सोमवार शाम को मध्य प्रदेश सियासत में फिर हलचल शुरू हो गई. कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के नेताओं ने बैठक की. यह बैठक छह मंत्रियों सहित कांग्रेस के 17 विधायकों के बेंगलुरू चले जाने के बाद हुई. जितने विधायक बेंगलुरु गए हैं, वे सभी सिंधिया खेमे के बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक सिंधिया अभी दिल्ली में हैं.

ANI के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार की देर रात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अपने आवास पर बैठक की. बताय गया इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल रहे.भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजने के लिए तैयार है.

अगर MP विधान सभा का वर्तमान जायज़ा लें तो सत्ता की गेंद भारतीय जनता पार्टी के पाले में लुढ़कती दिख रही है. अभी मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिसमें से दो विधायकों के निधन होने की वजह से दो सीटें फ़िलहाल खाली हैं. ऐसे में सदस्यों की कुल संख्या 228 है. जबकि बहुमत का आंकड़ा 115 है . इसमें कांग्रेस के पास 114, भाजपा के पास 107, सपा के पास 1, बसपा के पास 2 और निर्दलीय 4 विधायक हैं. जबकि सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों का कांग्रेस को समर्थन है.

अगर बेंगलुरु गए कांग्रेस के 17 विधायक इस्तीफा दे देते हैं तो विधानसभा के सदस्यों की संख्या 211 रह जाएगी . ऐसे में बहुमत का आंकड़ा होगा 106.अब कांग्रेस के पास केवल 97 विधायक रह जाएंगे और भाजपा के साथ वही 107 विधायक होंगे. अगर सपा, बसपा और निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस को समर्थन देते हैं तो वह बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी. इन सबके समर्थन के साथ कांग्रेस के पास 104 विधायक होंगे. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस तरह सत्ता भाजपा के हाथों में जा सकती है.

हालाँकि सोनिया गाँधी को शायद अभी भी इस बात का इंतज़ार हो की कांग्रेस के पूर्व महा सचिव ज्योति राजदित्य सिंधिया आज शाम को यह कह देंगे की बुरा न मानो होली है .

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