जब नेहरू ने मुझे फोन किया, नेहरू-व्हाट्सऐप की एक खोज के लिए

रात नेहरू का फोन आया था. अपनी किसी किताब की समीक्षा की बात कर रहे थे. मैं काफी गुस्से में था. उनसे कहने लगा कि आप भगत सिंह से मिलने नहीं गए, पर मुझसे मिलने क्यों नहीं आए. नेहरू ने कहा कि तुमसे मिलता ज़रूर लेकिन तुम ट्रेन से हिन्दुस्तान नहीं आ रहे थे. बीच-बीच में कॉल ड्रॉप हो रहा था तो मैंने रविशंकर प्रसाद को फोन कर दिया. कई बार कहा कि नेहरू का फोन है, आप भले रिकॉर्ड करवा लें लेकिन कॉल ड्रॉप न करवाएं. एक बिहारी आख़िर दूसरे बिहारी की बात कैसे काट सकता था. आवाज़ इतनी साफ हो गई कि हमारी बातचीत कौन कौन सुन रहा था, वो भी सुनाई दे रहा था. मैंने नेहरू को अपना असर दिखा दिया था. वे काफी प्रभावित थे. यह ज़रूरी था वर्ना सरदार पटेल, नेताजी, करियप्पा, भगत सिंह की तरह नेहरू मेरा भी अपमान कर देते. मैंने इतिहास पढ़ लिया था कि नेहरू का योगदान ही सबका अपमान करना था.

अब नेहरू लाइन पर आ गए. कहने लगे कि देख लीजिए, मेरी किताब नई है. आप समीक्षा कर देते तो. मैंने कह दिया कि नेहरू जी भारत एक खोज को कौन पढ़ता है. वो तो आपने पाकिस्तान बनाने के लिए लिखी थी. नेहरू चुप हो गए. बोलने लगे कि मैंने तो भारत एक खोज नाम से कोई किताब ही नहीं लिखी है. अब मैं सकपका गया. घबरा गया. मैं जल्दी में था क्योंकि मुझे नेपाल निकलना था. वहीं पास में मेरा गांव भी है. सोचा वीरगंज वाली बस लेकर मोतिहारी चला जाऊंगा.

लेकिन नेहरू की वजह से देरी हो रही थी. तभी नेहरू ने लाइटर जलाई, एक कश लिया और कहा कि भारत एक खोज मैंने नहीं लिखी है. तो जल्दी कहें, आपकी किताब का क्या नाम है. नाम बता दूंगा तो क्या समीक्षा कर दोगे? मैंने नेहरू से पीछा छुड़ाने के लिए बोल दिया कि हां हां समीक्षा कर दूंगा. आप प्लीज़ किताब का नाम बताएं. दोस्तों, नेहरू ने जो नाम बताया, मैं सन्न रह गया हूं. मैंने एकदम क्लियर सुना था. नेहरू- व्हाट्सऐप की एक खोज. इस किताब के प्रकाशक का पता चल जाए, वहां से छापी सारी किताबें बैन न करा दी तो मेरा नाम बलम परदेसिया नहीं.

नेहरू कह रहे थे कि ‘नेहरू- व्हाट्सऐप की एक खोज’ ही उनकी आत्मकथा है, तभी कॉल ड्रॉप हो गया. मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी चुनाव होने वाले हैं. अभी से पता करना है कि वहां के किस-किस नेता का नेहरू ने अपमान किया. दुनिया के तमाम नेताओं को अपमानित करने वाले नेहरू को मैं दुनिया के किसी चुनाव में नहीं छोड़ूंगा. आप भी मत छोड़ना. गूगल मैप से नेहरू का पूरा डेटा निकालने वाला हूं कि बंदा किस किस के घर गया, किस किस के घर नहीं गया. मेरे साथ धोखा हुआ है. मुझे तो बताया गया था कि योजना आयोग में ही नेहरू रहते हैं, इसलिए बंद कर दिया. पर नेहरू तो हर जगह है. लगता है कि नेहरू के लिए ही अलग से योजना आयोग बनाना पड़ेगा. इस बंदे ने जिस जिस का अपमान किया है, उस उस के अपमान का बदला लेना है. छोड़ना नहीं है. कब है होली, कब है होली….कहां है चुनाव कब है चुनाव…किधर है नेहरू, कौन हैं नेहरू.

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