हिसार : गांधी और भगत सिंह के विचारों को अपनाना जरूरी : सुभाषिनी अली

व जनवादी महिला समिति की शकुंतला जाखड़ ने की। सुभाषिनी अली सहगल ने इस अवसर पर कहा

कि महात्मा गांधी और भगत सिंह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे और देश के लिए कुर्बानी

देने से कभी पीछे नहीं हटे। दोनों ने सांप्रदायिकता और जात-पात का डटकर विरोध किया।

उन्होंने कहा कि आज गांधी और भगत सिंह की तस्वीरों पर औपचारिक रूप से माल्यार्पण तो

किया जाता है, लेकिन उनके विचारों को अपनाने की दिशा में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं

देती। उन्होंने कहा कि गांधी और भगत सिंह दोनों जातिवाद और सांप्रदायिकता के घोर विरोधी

थे, जबकि आज जाति और धर्म के नाम पर विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिए जाने की बात सामने

आ रही है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर भी चिंता जताई और कहा कि बलात्कार

जैसे गंभीर अपराधों के आरोपियों की रिहाई समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

से मुक्त कराने के लिए लोकतांत्रिक एवं प्रगतिशील ताकतों को एकजुट होकर संघर्ष करने

का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समानता, न्याय, भाईचारे, मानवता और लोकतंत्र जैसे

आजादी के मूल्यों की रक्षा के लिए साझा संघर्षों को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा

कि वर्तमान समय में भगत सिंह के महत्वपूर्ण लेखों तथा महात्मा गांधी के जीवन के अंतिम

कार्यक्रम का संचालन लॉयर्स यूनियन के एडवोकेट सोमदत्त शर्मा एवं जनवादी महिला

समिति की बबली लांबा ने किया। सेमिनार को जिला बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप बाजिया

एडवोकेट, उप प्रधान राहुल सिंह एडवोकेट, सचिव सिहाग एडवोकेट, सह सचिव साहिल मंडेरना

एडवोकेट तथा कोषाध्यक्ष आशा रानी एडवोकेट ने भी संबोधित किया। इसके अलावा एडवोकेट लाल

बहादुर खोवाल, एडवोकेट सुरेंद्र ढुल व इनेलो प्रवक्ता अनु सुरा ने भी अपने विचार रखे।

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