मुंबई: जेएनयू छात्र संघ नेता कन्हैया कुमार ने एक बार फिर खुद पर हमले का आरोप लगाया है। कन्हैया का कहना है कि मुंबई एयरपोर्ट पर उसका गला दबाने की कोशिश की गई। हमलावर को उसने बीजेपी समर्थक बताया है, हालांकि पुलिस के पास जो शिकायत दर्ज है, उसमें कन्हैया के साथी ने लिखवाया है कि धक्का-मुक्की और गाली-गलौच हुई। वहीं आरोपी का कहना है कि पांव में तकलीफ की वजह से कन्हैया और उसके साथियों को धक्का लग गया, उसकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी।
मुंबई से पुणे जाने वाली फ्लाइट में अपने सहयात्री मानस ज्योति डेका को कन्हैया ने बीजेपी समर्थक बताया, विमान के अंदर मारपीट और गला दबाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया, ‘एक बार फिर, इस बार प्लेन के अंदर एक शख़्स ने मेरा गला घोंटने की कोशिश की।’ घटना के बाद जेट एयरवेज़ के कर्मचारियों ने हमला करने वाले के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।
दरअसल, जेट एयरवेज़ के लिए हमला करने वाले और जिसपर हमला हुआ उसमें कोई अंतर नहीं है। अगर आप शिकायत करते हैं तो दोनों को प्लेन से उतार दिया जाएगा। कन्हैया के साथी ने भी मीडिया को बताया कि दो बार कन्हैया का गला दबाने की कोशिश की, मैं बगल में ही बैठा था।
‘पैर में चोट की वजह से लग गया धक्का’
वहीं कन्हैया पर हमले के कथित आरोपी मानव डेका ने खुद को निर्दोष बताया है, उसका कहना है कि उसके पैर में चोट लगी है, जिस वजह से धक्का लगा। वो नौकरी के सिलसिले में कोलकाता से पुणे जा रहा था, उसका बीजेपी से कोई नाता नहीं है। मानस ने कहा मैं टीसीएस में काम करता हूं, नौकरी के सिलसिले में मैं कोलकाता से वाया मुंबई-पुणे जा रहा था, मैं शिकायत करुंगा, मेरा पूरा दिन बर्बाद कर दिया मेरा, मेरा बीजेपी से कोई रिश्ता नहीं है।
वैसे कन्हैया के साथी ने पुलिस में जो शिकायत दी है, उसमें भी धक्का-मुक्की और गाली-गलौच का ज़िक्र उसके यानी शिकायतकर्ता धीरज शर्मा के साथ है।
कन्हैंया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश की बातें
पुलिस का कहना है कि जांच में शिकायत झूठी निकली और कन्हैया ने बातें बढ़ा-चढ़ाकर पेश कीं, ज्वाइंट कमिश्नर देवेन भारती ने कहा जब कन्हैया से कहा गया कि वो शिकायत दाखिल करें, तो उसने शिकायत नहीं दी। 8 लोग धक्का-मुक्की में शामिल थे, कन्हैया के साथी ने जो भी कहा है जांच में वो ग़लत पाया गया। कन्हैया ने बातों को बढ़ा-चढ़ा कर सामने रखा।
पुलिस ने कन्हैया को उन आरोपों को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पुलिस ने कन्हैया के मुंबई वाले कार्यक्रम में रुकावट पैदा करने की कोशिश की।