संसद में हालिया पास किये बिलों पर विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी

 

NDA II द्वारा पास किये गए हालिया बिल्लों के खिलाफ विरोद्ध प्रदर्शनों का सिलसीला पूरे देश में जारी है

प्रेस विज्ञप्ति
कोटा 8 अगस्त, केंद्र सरकार द्वारा देश के संविधान के विपरीत , इस्लामिक क़ानून के खिलाफ ट्रिपल तलाक़ विधेयक के विरुद्ध उसका सभी आम मुसलमानों सहित, अमन पसंद और संविधान पर भरोसा रखने वाले अपन विरोध प्रकट कर रहे हैं  है।

कोटा राजस्थान के अमन पसंद लोग केंद्र सरकार के इस क़ानून के खिलाफ शनीवार 10 तारीख़ को विशाल मौन जुलुस निकालकर इसका विरोध करेंगे।यह जानकारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।

कोटा शहर क़ाज़ी अनवार अहमद ने आज एक पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया की आगामी 10 अगस्त शनिवार को सुबह 10 बजे अमन पसंद आम नागरिक, मल्टीपरपज़ स्कूल में इकट्ठे होंगे, जहाँ से सभी लोग एक समूूूह की शक्ल में अनुशासित तरीके से मौन जुलुस के रूप में गुमानपुरा, केनाल रोड, गीताभवन, सरोवर टाकिज़, लक्की बुर्ज, अग्रसेन चैराहा, नयापुरा थाने से होकर केक्ट्रेट पहुंचेंगे।

जहाँ राष्ट्रपति महोदय के नाम ट्रिपल तलाक़ क़ानून को वापस लेने व पुनर्समीक्षा की मांग को लेकर जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन दिया जाएगा।

शहर क़ाज़ी अनवार अहमद ने पत्रकारों को बताया के इस मामले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है, सभी अमन पसंद समाज के लोगों से इस जुलुस में शांतिपूर्ण तरीके से सफ़ेद लिबास में अनुशासित तरीके से शामिल होने की अपील की गयी है।

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सभी समाजों के अध्यक्ष, ज़िले के सभी मस्जिदों के इमाम, आलिमों, सहित ज़िम्मेदार लोगों से इस मामले में अपील की गयी है। सभी वोलेन्टियर की बैठक कर उन्हें टरफ़िक पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था एवं पानी की उचित व्यवस्था के लिये और जुलूस को अनुशासित तरीके से निकालने की ज़िम्मेदारियाँ दी गयी है, जो व्यवस्थित तरीके से अपने काम में जुटे रहेंगे।

कोटा शहर क़ाज़ी अनवार अहमद ने बताया के भारत देश का एक संविधान है, इस संविधान से भारत का हर नागरिक, हुकूमत, मंत्री सभी बंधे हुए है और प्रचलित संविधान की भावना के अनुरूप ही देश में व्यवस्थाएं है।

 

जबकि भारत के संविधान में देश के हर नागरिक को अपने सामाजिक रीति रिवाजों में अपने निजी मज़हबी क़ायदे क़ानून की पलना करने का खुला अधिकार है।

इसके बावजूद संविधान की इस मूल भावना को ताक में रखकर एक वर्ग को टारगेट बनाकर, बार बार लोकसभा, राज्यसभा में इस क़ानून को पेश किया गया। दो बार यह क़ानून राज्यसभा में हारा, फिर भी केंद्र सरकार में बैठे कुछ ज़िम्मेदारों ने हठधर्मिता दिखाते हुए इस क़ानून को पारित कराने की ज़िद में राज्य सभा में जो खेल खेला है उसे देश ने देखा है।

शहर क़ाज़ी अनवार अहमद ने कहा, सभी समाजों, सभी धर्मों को अपनी आज़ादी का हक़ इस देश के क़ानून इस देश के संविधान ने दिया हैं लेकिन इस बार तो हदे पार हो गयी, एक क़ानून को लाने के लिए बार बार मशक़्क़त की गई। जिससे किसी को भी फायदा नहीं।

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क़ाज़ी ए शहर कोटा ने साफ़ किया शरीअ़त में शादी, ब्याह का एक मुकम्मल क़ानून है। इसमें दो पक्षों के बीच में शादी एक काॅन्ट्रेक्ट है और शरीअ़त में तलाक़ का भी एक इस्लामिक तरीक़ा है।

 

इसलिये इस ट्रिपल तलाक़ कानून का सभी विरोध करते आये है, यह तलाक़ अपने आप में सुप्रीमकोर्ट में भी अवैध घोषित हुआ है। क़ाज़ी ए शहर कोटा अनवार अहमद ने कहा, एक शौहर को अगर जेल हुई तो वह अपनी बीवी को खर्च कहाँ से देगा, इससे उसके परिवार व बच्चों की स्थिति खराब होगी।

शौहर जिसको पत्नि ने जेल भिजवा दिया, फिर वही शोहर उस बीवी को क्यों रखेगा? जबकि ट्रिपल तलाक़ अगर होती है तो फिर बीवी अपने शोहर से कोई ताल्लुक़ रख भी नहीं सकती, ऐसे में यह क़ानून मज़हबी आजादी में दख़लअंदाजी है।

 

महिलाओं और बच्चों के साथ अत्याचार है। उनके भविष्य को बर्बाद करने वाला है। इसलिये ट्रिपल तलाक़ के नाम पर इस काले कानून को वापस लेने की मांग व इसकी पुनर्समीक्षा कर इस क़ानून को वापस लेने का निर्देश देने के लिए राष्ट्रपति महोदय को जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन दिया जायेगा।

कनवीनर जुबैर अहमद
नायब क़ाज़ी शहर, कोटा मो. 9694411311

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