गौरक्षा के नाम पर दलित उत्पीड़न अपमानजनक – इल्यास थुम्बे

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SDPI  द्वारा दलितों को इन्साफ की मांग के साथ जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन

नई दिल्ली/सोशल डेमोक्रटिक पार्टी आॅफ इंडिया (SDPI) ने गुजरात के उना में दलित समुदाय के लोगों द्वारा एक मृत गाय की खाल उतारने के मामले में गौरक्षा दल के गुंडों द्वारा प्रताणित व अपमानित करने के विरोध में जन्तर मन्तर पर धरना प्रदर्शन किया गया। गौरतलब है कि इस अमानवीय घटना में दलित युवकों को रस्सी से बांधकर पीटने व इलाके मे अर्धनग्न घुमाने के बाद देशभर में धरने व प्रदर्शनों का अयोजन किया जा रहा है।
इस मौक़े पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इल्यास मौहम्मद थुम्बे ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाले दंगाई ब्राहमणवाद के खिलाफ दलिताों के वर्तमान में जारी हिंसात्मक प्रदर्शन और देशभर में जारी धरनों के बाद आत्मविश्लेषण करने की ज़रूरत है। सदियों पुराने भेदभावपूर्ण समाजिक कुरिति के ज़रिय दलित समुदाय को प्रताणित करने की इस प्रथा का अंत होगा तो देश में शांति की स्थापना हो जाएगी।
उन्होंने कहा अब समय आ गया है कि केंद्र व राज्य सरकार की बाटने वाली नीति के विरूद्ध खड़ा होया जाए साथ ही इस सच्चाई को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है कि दलित, आदिवासी और मुस्लिम समुदाय हमेशा और हर जगह असुरक्षा के भाव में ज़िंदगी जीने को मजबूर है। सरकार को पीड़ितों से शांति की अपील करने के बजाय गौरक्षक दल के गुंडों को इस निर्दयी कृत्य के लिए गिरफ़्तार कर सज़ा देनी चाहिए। गौरक्षा के नाम पर हिंसात्मक कार्यवाही के ज़रिय क़ानून अपनेे हाथ में लेने की कार्यवाही को किसी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
इस मौक़े पर बोलते हुए पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट असलम ने कहा है कि अब यह मामला आरएसएस व भाजपा बनाम दलित, एससी/एसटी, पाटीदार, पिछड़े और अल्पसख्यक का बनता जा रहा है। गुजरात अल्पसंख्यको, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े तबकों को सुरक्षा देने में नाकाम सबित हुआ है।
इस मौक़े पर विभिन्न समाजिक-राजनैतिक सगंठनों के लोगों के में सीआरआई की रीठा अब्राहम, इंसाफ संगठन के मनोज कुमार, बामसेफ से डा. राहुल, एसडीपीआई राष्ट्रीय सचिव रफीक जब्बार मुल्ला, दिल्ली प्रदेश महासचिव डा.आईए खान, प्रदेश उपाध्यक्ष इरफान अहमद, प्रदेश सचिव नवेद अज़ीम, वकील जौहरी, मुसलेहुद्दीन, मौहम्मद आमिर, मौहम्मद इल्यास, इमरान, दानिश के साथ भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं व अन्य समुदायों के लोगों ने भी शिरकत की।

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