बीकानेर, 05 सितंबर । नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने अब लड़ाई को सिर्फ प्रत्याशियों और वार्डों तक सीमित रखने के बजाय भाजपा सरकार के कामकाज बनाम कांग्रेस के शहरी रोडमैप का मुद्दा बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला व शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने प्रेस वार्ता ने चुनाव में देरी, परिसीमन, आरक्षण, सफाई, भ्रष्टाचार और नामांकन प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा। साथ ही बोर्ड बनने पर शहरी जनता से जुड़े मुद्दों पर कई वादे किए। कल्ला ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आई तो पिछली कांग्रेस सरकार की 500 रुपये में मकान का पट्टा देने की व्यवस्था फिर शुरू की जाएगी। पार्टी ने हर निकाय में सफाईकर्मियों की भर्ती, मुफ्त घर-घर कचरा संग्रहण और ऑनलाइन पारदर्शी व्यवस्था को भी चुनावी एजेंडे में शामिल किया है।
मेघवाल ने पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा के टिकट चोरी के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी प्रकार की टिकट चोरी नहीं की गई है। प्रदेश नेतृत्व ने जो सिंबल जिनके नाम से भेजे वो ही पार्टी के द्वारा निर्वाचन अधिकारी को जमा करवाएं गये है। उन्होंने अरोड़ा द्वारा केन्द्रीय मंत्री के साथ मिलकर टिकट वितरण के आरोपों को भी नकार दिया। मेघवाल ने कहा कि इसकी शिकायत पीसीसी को कर दी गई है, जो जांच का विषय है।जिस प्रकार की जांच रिपोर्ट आएगी। उसके बाद संशय दूर हो जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि संगठन के पदाधिकारी या पूर्व पार्षद अधिकृत प्रत्याशियों के सामने चुनाव लड़ रहे है। उनकी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है। पार्टी की अनुशासन समिति इसका निर्णय लेगी। कल्ला ने कहा कि कांग्रेस से ज्यादा बागी तो भाजपा के चुनाव लड़ रहे है। ऐसे में भाजपा को अपना घर संभालने की आवश्यकता है।कांग्रेस के पारिवारिक मामले में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं।