काठमांडू, 26 सितंबर । नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मिलने वाली सहायता में कमी और महामारी से निपटने की तैयारियों के बजट पर बढ़ते दबाव से नेपाल जैसे देशों में वर्षों में विकसित की गई स्वास्थ्य क्षमताओं पर खतरा पैदा हो रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महामारी रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया पर आयोजित हाई-लेवल मीटिंग को संबोधित करते हुए खनाल ने कहा कि किसी एक देश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमी का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि पैंडेमिक फंड के सहयोग से नेपाल ने बीमारी की निगरानी प्रणाली, स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत किया है।
विदेश मंत्री ने महामारी से निपटने के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पैंडेमिक एग्रीमेंट को जल्द पूरा करना चाहिए, ताकि सभी देशों को समय पर और किफायती कीमत पर वैक्सीन, जांच संबंधी सुविधाएं और उपचार उपलब्ध हो सके। महामारी से निपटने की तैयारी के लिए वैश्विक स्तर पर पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था करने पर जोर देते हुए इसे वैश्विक सार्वजनिक हित के रूप में देखने की विश्व समुदाय से अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कहते हुए ऐसी परिस्थितियों में विशेष जोखिम का सामना करने की क्षमता को बढ़ाने का तर्क दिया।
शिशिर खनाल ने महामारी की रोकथाम और स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वित्तीय संसाधनों और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।