टीवी डिबेट में शामिल होकर इस्लाम व मुसलमानों के अपमान की वजह न बनें: मुस्लिम पर्सनल लॉ.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने उलमा व बुद्धिजीवियों से टीवी डिबेट में शामिल न होने की अपील की हैं।

बोर्ड ने ऐसे लोगों से कहा है कि डिबेट में शामिल होकर इस्लाम व मुसलमानों के अपमान की वजह न बनें।

बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद मुहम्मद राबे हसनी नदवी व सभी उपाध्यक्षों ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि कुछ टीवी चैनलों का मकसद केवल इस्लाम व मुसलमान का उपहास उड़ाना है। ऐसे चैनलों की डिबेट में भाग न लें क्योंकि इसमें शामिल होकर वो इस्लाम व मुसलमानों की कोई सेवा नहीं कर पाते, बल्कि परोक्ष रूप से उनके उपहास का कारण बनते हैं।बोर्ड ने कहा है कि इन कार्यक्रमों का मकसद रचनात्मक चर्चा के माध्यम से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं, बल्कि इस्लाम व मुसलमान को बदनाम करना है।

उलेमा ने कहा कि टीवी चैनल्स अपनी तटस्थता साबित करने के लिए एक मुस्लिम चेहरे को भी बहस में शामिल करना चाहते हैं।

उलेमा ने कहा अगर हम ऐसे चैनलों का बहिष्कार करते हैं तो इसमें न केवल उनकी टीआरपी कम होगी बल्कि ये अपने मकसद में भी विफल होंगे।

अक्सर अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए बिकाऊ मीडिया सच को झूठ या झूठ को सच देखते हैं, समाज पाना बहुत मुश्किल होगा क्या जो देखा जा रहा है वो सत्य है या नहीं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.