सोनिया गांधी – देश की आजादी की पूरी ताकत से रक्षा करें, RSS पर साधा निशाना.

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने मंगलवार को देशवासियों से ‘पूरी ताकत’ के साथ देश की आजादी की रक्षा करने का आह्वान किया। वहीं कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने उस समय क्रूर दमन के बीच अंग्रेजों का समर्थन किया था।

अपने संदेश में कहा कि इस ऐतिहासिक दिन जब लाखों-लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीटा गया और उन्हें जेल में डाला गया, अरुणा आसफ अली ने राष्ट्रीय ध्वज को ऊंचा रखा। सोनिया गांधी ने कहा कि उनका साहसिक कार्य आजादी की हमारी खोज का प्रतीक बन गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “आइए महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले भारत छोड़ो आंदोलन की याद में हम उस कीमत को न भूलें जो हमारे लाखों देशवासियों और महिलाओं ने भारत की आजादी के लिए चुकाई है। आइए हम इसकी रक्षा करने के संकल्प को पूरी ताकत के साथ ताजा करें।”वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, जब कांग्रेस के नेतृत्व में देश अंग्रोजों के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष में लगा हुआ था, आरएसएस ने न केवल आंदोलन का बहिष्कार किया था बल्कि अंग्रेजों का सक्रिय रूप से समर्थन भी किया।

कांग्रेस महाचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला करते हुए पूछा कि जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का शुभारंभ किया था तब इस ऐतिहासिक दिन पर अस्सी साल पहले बना संगठन क्या कर रहा था?

उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन में कोई हिस्सा नहीं लिया जबकि गांधी, नेहरू, पटेल, आजाद, प्रसाद, पंत और कई अन्य लोगों को जेल में डाल दिया गया था। भारत छोड़ो आंदोलन की 80वीं वर्षगांठ पर एक संदेश में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी आरएसएस को निशाना बनाते हुए कहा कि जब पूरा देश एकजुट होकर लड़ रहा था, आरएसएस भारतीयों से आंदोलन को छोड़ने की अपील कर रहा था और उसने इस क्रूर दमन के समय अंग्रेजों का समर्थन किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा, भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान हर वर्ग, जाति, धर्म, क्षेत्र और उम्र के लोगों ने एकजुट होकर लड़ाई का नारा दिया था- अंग्रेजों भारत छोड़ो।

प्रियंका गांधी ने कहा, “आंदोलन की घोषणा होते ही गांधी जी, नेहरू जी, सरदार पटेल जी और मौलाना आजाद को गिरफ्तार कर लिया गया। फिर अरुणा आसफ अली जी ने आजाद क्रांति मैदान में तिरंगा फहराया ताकि आंदोलन की लौ जलती रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.