कांग्रेस नेता मामन सर्वाधिक मतांतर से जीते

Haryana Result : नूंह हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ़्तार मामन सर्वाधिक मतांतर से जीते

सवाल- स्ट्रॉंग रूम में रखी हुई EVM 99% चार्ज कैसे मिलीं? जवाब- जादू से.

नई दिल्ली:हरयाणा चुनाव में कई धुरंदर अपने गढ़ में बुरी तरह हार गए। जबकि फ़िरोज़पुर झिरका सीट से कांग्रेस नेता मामन ख़ान ने भाजपा प्रत्याशी नसीम अहमद पर पूरे हरयाणा में सबसे अधिक 98,441 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है.

वहीं उचाना कलां सीट से बीजेपी प्रत्याशी देवेंद्र अत्री ने महज 32 वोटों से जीत हासिल की है.

ज्ञात रहे मामन ख़ान को पिछले साल नूंह हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.उन्हें इस मामले में झूठा फसाया गया था। कुछ दिन बाद मामन बारी होकर बाहर आगये थे।

उचाना कलां सीट पर देवेंद्र अत्री ने कांग्रेस उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह को महज 32 वोटों से हराया है. जहां देवेंद्र अत्री को 48,968 वोट मिले हैं, वहीं बृजेंद्र सिंह को 48,936 वोट मिले. इसके अलावा इस सीट पर सबसे चर्चित नाम पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का था, जो इस बार 5वें नंबर पर रहे. 

Haryan assembly election result:Maximum margin won candidate Maaman khan Congress and minimum margin vote won candidate Bijendr singh BJP

खान को 1,30,497 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के नसीम अहमद को कुल 32,056 वोट ही मिल पाए। वर्ष 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में मामन खान ने अहमद को 37,004 वोटों के अंतर से हराकर सीट जीती थी, और 57.62% वोट शेयर हासिल किया था .

साल 2014 के चुनावों में अहमद ने मामन खान को केवल 3,245 वोटों से हराकर सीट जीती थी, जिसमें उनका वोट शेयर 29.47% था. उस समय नसीम अहमद INLD के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे ।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मतों के अंतर के मामले में मामन खान ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के जीत के अंतर को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने गढ़ी सांपला सीट पर 71,465 वोटों से जीत हासिल की है .

याद रहे हरियाणा पुलिस ने मामन खान पर 31 जुलाई, 2023 को नूंह में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था. उनके खिलाफ नूंह हिंसा मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत आरोप दर्ज किए थे. इस मामले में उन्हें सितंबर में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया.

उस दौरान मामन ने कहा था कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है, क्योंकि जिस दिन हिंसा भड़की, उस दिन वह नूंह में थे ही नहीं.

याद रहे नूंह में पिछले साल 31 जुलाई को सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी, जब कथित तौर पर मुस्लिम समूहों ने हिंदू दक्षिणपं​थी समूहों के जुलूस पर हमला किया था. यह हिंसा गुड़गांव में भी फैल गई थी.

1 अगस्त को हिंसा के दौरान गुड़गांव के बादशाहपुर में कम से कम 14 दुकानें जला दी गईं थीं , जिनमें अधिकांश अल्पसंख्यक समुदाय की थीं.नूंह में हुई इस हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी और 88 अन्य घायल हो गए थे.

 

X curtesy Neha singh rathore :::

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