The fake Digital Arrest, its menace and frauds versus the Notion of the arrest in law-…
Category: Editorial & Articles
ईरान–अमेरिका तनाव का भारत पर भयानक असर
ईरान–अमेरिका तनाव का भारत पर भयानक असर : विश्लेषणात्मक रिपोर्ट ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता…
मस्जिद बुलडोज़र एक्शन पर पाबन्दी!!
मंदिरों पर PIL डालने की तैयारी/ मस्जिदों पर बुलडोज़र एक्शन पर पाबन्दी!! मस्जिदों के ख़िलाफ़ बार-बार…
भारत का बुलडोज़र राज देश को किधर लेजा रहा?
दो साल में 1,50,000 से ज्य़ादा घर ध्वस्त किए गए और 7,38,000 लोग बेघर हुए. दुखद…
Somnath Temple: History as the political tool, yet again
Campaign round Ram Temple, i.e. demolition of Babri mosque; paid rich electoral dividends to the BJP…
Sharia, Manusmriti or Indian Constitution
The Indian Constitution has been the outcome of the values which emerged during our freedom struggle.…
….When Faith Prevails Beyond Reason
The long-standing and often circular debate over the scientific evidence for the existence of God may,…
ज़ोहरान ममदानी के लेटर की क्या है मंशा?
किस मुँह से करें उन के तग़ाफ़ुल की शिकायत !! ख़ुद हम को मोहब्बत का सबक़…
The Triumph of Myth over Reason
The Triumph of Myth over Reason: A Challenge to Collective Conscience and Global Discourse A persistent…
हिन्दू क्रिसमस न मनाएँ: विश्व हिन्दू परिषद का आव्हान
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की प्रसिद्ध स्तंभकार तवलीन सिंह के अनुसार, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने हिन्दुओं से अपील की है कि वे ईसाइयों के त्यौहार क्रिसमस में शामिल न हों.तवलीन सिंह ने बताया कि विहिप ने यह आव्हान दिल्ली के अपने कार्यालय से किया है। विहिप, आरएसएस की एक शाखा है। यह पूछे जाने पर कि क्या यह आव्हान भारतीय संविधान के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के विरूद्ध नहीं है विहिप के प्रवक्ता ने कहा कि यह आव्हान धर्म के बारे में नहीं बल्कि धर्मपरिवर्तन के बारे में है। यदि विहिप मॉलों या दुकानों में क्रिसमस पर विशेष आयोजन या सजावट देखेगी तो वह उनके खिलाफ कार्यवाही करेगी। पर वास्तविकता यह है कि बड़ी संख्या में दुकानें और माल क्रिसमस के लिए विशेष तैयारी करते हैं। दुकानों और मालों को सजाया जाता है। विहिप के इस आव्हान का कोई खास असर होने वाला नहीं है . यह भी हो सकता है कि आरएसएस अपनी शाखा बजरंग दल को आदेश दे कि वह मैदान में उतरकर सुनिश्चित करे कि ईसाई त्यौहार में हिन्दू शामिल न हों। शिवसेना ने कुछ सालों पूर्व वेलेंटाइन्स-डे पर प्रतिबंध लगाया था। मैंने स्वयं कुछ वर्ष पहले एक नवयुवती को पुलिस से छुड़ाया था क्योंकि वह एक अन्य राज्य से अपनी प्रेमी से मिलने भोपाल आई थी लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस तरह की प्रवृत्तियां हमारे भारत की उदार संस्कृति और सभ्यता के विरूद्ध हैं और इनका विरोध होना चाहिए। भोपाल में भी विहिप ने शिक्षण संस्थाओं से आव्हान किया है कि वे हिन्दू विद्यार्थियों को सांता क्लॉज की भूमिका अदा करने से रोकें। यदि शिक्षण संस्थाएँ ऐसा नहीं करतीं तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। विहिप ने कहा कि ज्यादातर हिन्दू ईसाईयों के त्यौहार में शामिल होते हैं परंतु इसे गलत तरीके से लिया जाता है।