नई दिल्ली, 26 अगस्त । वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम ) ने मंगलवार को लोनी क्षेत्र में ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान 28 औद्योगिक परिसरों की जांच की गई और सभी में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसमें से 16 औद्योगिक इकाइयों/परिसरों को सील कर दिया गया।
आयोग ने बुधवार को जानकारी दी कि कार्रवाई के लिए 7 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए थे। इनमें मजिस्ट्रेट, पुलिस और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे। जांच में सामने आया कि 21 इकाइयां वैध मंजूरी के बिना संचालित हो रही थीं। वहीं 14 मामलों में लकड़ी और कोयले जैसे प्रतिबंधित/अनुमोदित नहीं किए गए, ईंधन का इस्तेमाल पाया गया।
इसके अलावा 8 इकाइयों में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस, स्टैक/चिमनी या भट्ठियों के लिए जरूरी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था नहीं मिली। कुछ परिसरों में खुले में पेंटिंग और पाउडर कोटिंग जैसी गतिविधियां भी होती मिलीं।
आयोग ने बताया कि
उल्लंघनों को गंभीरता से लेते हुए 16 औद्योगिक इकाइयों/परिसरों को सील कर दिया गया। छह इकाइयों को प्रारंभिक शो-कॉज नोटिस जारी किए गए, जबकि छह अन्य मामलों में परिसर के दरवाजों पर नोटिस चस्पा किए गए। इनमें कुछ ऐसे परिसर भी थे, जो अधिकारियों के पहुंचने पर बंद मिले या जहां संचालक परिसर खाली कर चुके थे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि एनसीआर में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय नियमों और वैधानिक अनुमतियों का कड़ाई से पालन करना होगा। आयोग ने कहा कि बिना वैध मंजूरी के संचालन, अनधिकृत ईंधन का इस्तेमाल और पर्याप्त प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था के बिना औद्योगिक गतिविधियां गंभीर उल्लंघन हैं।
आयोग के मुताबिक, ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत दिल्ली-एनसीआर में औचक निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।