तेलुगू फिल्म अभिनेता महेश बाबू अपने विवादास्पद बयान ‘बॉलीवुड कान्ट अफोर्ड मी’ से कन्नी काटते नजर आ रहे ।

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महेश बाबू का ये कहना भी अब उन पर भारी पड़ रहा है कि वे फिल्में करेंगे तो तेलुगू में जिसे हिंदी में देखनी हो डब करके देख ले। महेश बाबू को समझ आ गया है कि हिंदी पत्रकारों के साथ हैदराबाद में उनकी मस्ती उनकी आने वाली फिल्मों और इनके डब संस्करणों पर असर डाल सकती है। वह अपने बयानों से अब पलटी मारते भी नजर आ रहे हैं। लेकिन, ‘बॉलीवुड कान्ट अफोर्ड मी’ वाले उनके बयान की तफ्तीश से सामने निकलकर ये आया है कि उनके निशाने पर पूरा हिंदी सिनेमा नहीं बल्कि वे दो निर्माता रहे हैं, जिन्होंने उन्हें अपनी हिंदी फिल्म में लाने के लिए बहुत ऊंची बोली लगाई थी। महेश बाबू को तेलुगू सिनेमा मे दो दशक से ऊपर समय हो चुका है। उनकी ब्रांड वैल्यू भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी रही है।

दो साल बाद गुरुवार को उनकी नई फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ रिलीज हो रही है। फिल्म की एडवांस बुकिंग कमाल की खुली है और इसका रिलीज से पहले का बिजनेस भी शानदार रहा है। बताते हैं रिलीज से पहले ही फिल्म वितरण अधिकारों से इसके निर्माताओं ने करीब सवा सौ करोड़ रुपये कमा लिए हैं। अमेरिका में छह सौ से भी अधिक सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ के हिंदी भाषी राज्यों में खूब शोज हो रहे हैं। इन शोज में अधिकतर अंग्रेजी सब टाइटल्स के साथ हैं।

फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा’ से पहले अपने हिंदी सिनेमा विरोधी बयानों के चलते देश भर में सुर्खियों में लौट चुके महेश बाबू ने जब सोमवार को हैदराबाद में कहा ‘बॉलीवुड कान्ट अफोर्ड मी’, तो इसकी हिंदी सिनेमा और हिंदी भाषी दर्शकों के बीच तगड़ी प्रतिक्रिया हुई। लोगों ये जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर ऐसे कौन से लोग हैं जो महेश बाबू से अपनी फिल्म की बातचीत शुरू करके पीछे हट गए।

यहां ये जान लेना दिलचस्प रहेगा कि शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान की तरह महेश बाबू भी अपनी प्रोडक्शन कंपनी खोल चुके हैं और उनकी हर फिल्म में ये कंपनी साझीदार रहकर मुनाफे में हिस्सा बंटाती है। 

महेश बाबू ने मीडिया संग बातचीत में कहा, “मुझे हिंदी में बहुत सारे प्रस्ताव मिले, लेकिन मुझे नहीं लगता कि, वे मुझे अफॉर्ड कर सकते हैं। मैं अपना समय ऐसे इंडस्ट्री में काम करने में बर्बाद नहीं करना चाहता, जो मुझे अफॉर्ड नहीं कर सकते। मुझे यहां जो स्टारडम और सम्मान मिलता है, बहुत बड़ा है, इसलिए मैंने वास्तव में कभी भी साउथ इंडस्ट्री को छोड़कर किसी अन्य इंडस्ट्री में जाने के बारे में नहीं सोचा। मैंने हमेशा फिल्में करने और बड़ा बनने के बारे में सोचा है। मेरा सपना अब सच हो रहा है और मैं इससे ज्यादा खुश नहीं हो सकता।”बॉलीवुड में काम करने की संभावना पर महेश बाबू की प्रतिक्रिया ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और दक्षिण भारतीय सिनेमा के कट्टर प्रशंसकों के बीच इंटरनेट पर एक नई लड़ाई पैदा कर दी है।

जहां एक तरफ कुछ लोग महेश बाबू के बयान को हिंदी सिनेमा के लिए करारा जवाब बता रहे हैं और बॉलीवुड की जगह साउथ को चुनने के लिए अभिनेता की तारीफ कर रहे हैं। दूसरी तरफ कई लोगों ने महेश बाबू को एक अभिमानी व्यक्ति कहा और बॉलीवुड के बारे में उनके अपमानजनक बयान के लिए उन्हें ट्रोल किया। गुस्साए नेटिजंस ने महेश बाबू की खूब आलोचना की।

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