बीजेपी के लिए आदिवासी सिर्फ बनवासी है

Date:

‘ राहुल का सियासी दाव ‘

राजकोट के लोगो से राहुल गांधी ने सम्बोधन में कहा आप बीजेपी के लिए हो सकते है बनवासी हमारे लिए तो आदिवासी ही है

गुजरात विधानसभा 2022 चुनाव में सक्रिय होने के बाद राहुल गांधी ने सौराष्ट्र इलाके में आदिवासियों पर जोर देकर बड़ा सियासी दांव चल दिया है.याद रहे इस इलाके में आदिवासी निर्णायक भूमिका निभाते है, ऐसे में बीजेपी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने बड़ा सन्देश देने का प्रयास किया.

गुजरात चुनाव के प्रचार से अब तक दूर चल रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब ज़मीन पर सक्रिय हो गए हैं. सोमवार को उन्होंने राजकोट और सूरत में जनसभा को संबोधित किया .उनकी तरफ से आदिवासी वोटबैंक पर ख़ासा ज़ोर दिया गया.

राहुल गांधी का आदिवासी दाव

राहुल गांधी ने आदिवासियों का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी तो हमेशा से यहां रह रहे हैं. ये एक गंभीर मामला है.आप ही यहां के असल मालिक है बीजेपी वाले आपको बनवासी कहते है, वो यह कभी नहीं कहेंगे की जहां आप रहते है ये ज़मीन आपकी है ,वो यह चाहते ही नहीं की आप लोग शहर में रहे और आपके बच्चे इंजीनियर और डॉक्टर बने.

वह तो उल्टा आपकी ज़मीनो पर कब्ज़ा करना चाहते है . अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब आपकी सारी ज़मीन उद्योगपतियों के हाथ में होगी और आप के पास रहने की कोई जगह नहीं बचेगी.

हालांकि, राहुल गांधी का गुजरात दौरा उस समय हुआ है जब पूरे देश को कांग्रेस की तरफ से यह संदेश दिया जा रहा है कि भारत जोड़ो यात्रा चुनाव जीतने या वोट लेने के लिए नहीं , बल्कि देश की जनता के टूटे दिलों , वर्गों, समुदायों और Emotions को जोड़ने की यात्रा है।

अब यात्रा मध्य प्रदेश में प्रवेश कर गई है , ऐसे में यात्रा को छोड़कर राहुल गांधी का चुनावी राज्य में पहुंचना इस बात को दर्शाता है कि यात्रा इसलिए निकाली जा रहे हैं कि जनता को वोट भी हासिल किया जा सके.
जबकि इसमें कोई हरज की बात भी नहीं है, क्योंकि सारी राजनीतिक पार्टियों का केंद्र बिंदु वोट हासिल करना ही होता है.ताकि सत्ता की कुर्सी पर बैठा जा सके.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

आरएसएस-भाजपा और अमेरिका की दासता की ओर बढ़ता भारत

स्वतंत्रता के बाद भारत की  विदेश नीति गुटनिरपेक्षता के...

वेबवार्ता द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य आयोजन

पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां हैं, जिनका समाधान ज़रूरी:...

शिक्षकों को भूसा इकठ्ठा करने पर क्यों लगाया?

उत्तर प्रदेश का शहर बरैली पिछले कई बरसों से...

Human Rights vs Funding: 558 UP Madrasas Case

Human Right never intersects with financial transactions: understanding law...