अनिता चौहान जकार्ता में 51वीं IFTDO विश्व सम्मेलन में प्रतिनिधित्व करेंगी

Date:

Kota Rajasthan :// सुश्री अनिता चौहान, दिवाथर्व विकास फाउंडेशन की संस्थापक एवं निदेशक, 17 से 19 जून तक जकार्ता (इंडोनेशिया) में होने वाले International Federation of Training and Development Organizations (IFTDO) के 51वें विश्व सम्मेलन में संगठन की प्रतिनिधि के रूप में भाग लेंगी।

IFTDO
मिस्र में IFTDO स्वर्ण जयंती समारोह में स्मृति चिन्ह प्राप्त करती डॉ. अनीता चौहान।

सम्मेलन का विषय “डिजिटल युग में लोगों और अनुकूलनशील संगठनों का भविष्य है। उल्लेखनीय है कि सुश्री चौहान ने पहले भी वैश्विक मंच पर अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया है|

IFTDO
मिस्र में IFTDO स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर।

जब उन्होंने मिस्र में IFTDO के स्वर्ण जयंती सम्मेलन में “द एरा ऑफ़ द लर्न्ड फ्यूचरिस्ट: एनसिएंट विजडम फॉर मॉडर्न चैलेंजेज” नामक शोध पत्र प्रस्तुत किया था।

चौहान ISTD की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप में अपनी भगीदारी निभा चुकी हैं।इस दौरान Ms चौहान ने ISTD के लिए कई नए कार्यक्रम भी शुरू किये जिसके बाद उनको अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर Recognition मिली .

IFTDO कॉन्फेंस के रणनीतिक भागीदार के रूप में, दिवाथर्व विकास फाउंडेशन प्रशिक्षण, विकास और संगठनात्मक अनुकूलन पर वैश्विक संवाद में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

IFTDO

सुश्री चौहान की भागीदारी फाउंडेशन की नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण को रेखांकित करती है।

अनिता चौहान ने भगवद गीता और रामचरितमानस के श्लोकों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया है, जिसमें वसुधेव कुटुम्बकम और रिटर्न ऑन एसोसिएशन की अवधारणा को उजागर किया गया है।

 

For similar content, Click here:

TIMESOFPEDIA/Events

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सोमनाथ: इतिहास या सियासी मंच?

धार्मिक स्थल कोई भी हो, या किसी भी मज़हब...

Understanding the Position of Indian Muslims

Citizenship Concerns and Documentation Reality: Understanding the Position of...

चुनावी शोर के बाद संकट का दौर!

ईरान युद्ध और वैश्विक तेल संकट की आशंकाओं के...

“चुनाव खत्म, अब त्याग शुरू? तेल संकट पर सरकार घिरी”

क्या भारत किसी बड़े तेल संकट की दहलीज़ पर...