AMU में विद्यार्थियों पर पुलिस का क़ेहर,पुलिस ने भानी लाठी , दागे गैस के गोले , कई ज़ख़्मी

Date:

अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्नाह की मूर्ती को लेकर छिड़ा विवाद , योगी आदित्यनाथ की संस्था हिन्दू वाहिनी पर उत्तर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का आरोप

अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय(AMU) में मोहम्मद अली जिन्नाह की दशक पुरानी तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद सांप्रदायिक माहौल में परिवर्तित होरहा है.बुद्धवार को अचानक यूनिवर्सिटी कैंपस में हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदर्शनकारियों ने आपत्तिजनक नारों के साथ प्रवेश किया , इनके प्रवेश पर सवाल उठाया जारहा है की सिक्योरिटी घेरे को तोड़कर ये बलवाई अंदर कैसे आगये ? इन भगवा युवाओं के हाथ में रिवाल्वर और लाठी डंडों का भी आरोप है , इसी बीच उनके द्वारा एक विद्यार्थी पर हमला कर घायल किये जाने की भी खबर सामने आई है .इसके बाद AMU के विद्यार्थियों ने बलवाइयों को तुरंत गिरफ्तार किये जाने की मांग के लिए एक मार्च निकला जिसपर UP पुलिस ने आंसूगैस के गोले दाग़े और और लाठीचार्ज करदिया , जिससे इन्साफ की मांग कररहे कई विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल होगये .

इस सम्बन्ध में अलीगढ के जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एएमयू छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा. जबकि छात्र नेताओं का कहना है की हमारा मार्च शांति पूर्ण था और हम  विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने वाले हिंदू युवा वाहिनी के प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे.

जिलाधिकारी ने पुलिस कार्रवाई में 3 युवकों के घायल होने की पुष्टि की .AMU छात्रों ने पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का भी आरोप लगाया .एएमयू सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं के पास पिस्तौल और डंडे थे, और वो ज़बरदस्ती परिसर में घुस गए ,हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी.मौके पर मौजूद लोगों ने बताया वाहिनी के कार्यकर्ता परिसर में जबरन घुसे और वहां तैनात पुलिसकर्मी उन्हें परिसर में जाने से रोक नहीं पाये.कुछ का कहना है की पुलिस ने इन बलवाइयों को अंदर जाने की अनुमति देदी .

एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष एम अहमद उस्मानी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा की इस तरह की अनदेखी और असामाजिक बाहरी तत्वों को परिसर में घुसाने की अनुमति पहले पुलिस प्रशासन की ओर से कभी नहीं देखि गयी . उन्होंने कहा कि एएमयू छात्रों ने अभी तक संयम से काम लिया है , लेकिन यूनिवर्सिटी परिसर में जबरन घुसने वाले दंगाइयों  को अगर गिरफ्तार नहीं किया गया तो एएमयू के छात्र जेल भरो आंदोलन करेंगे.और साम्प्रदायिकता फैलाने वालों को सबक़ सिखाया जाएगा .

वहीं, पुलिस अधीक्षक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि स्थिति काबू में है और ये जांच की जा रही है कि वाहिनी के कार्यकर्ता कैसे परिसर के गेट पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. स्थिति पूर्णतया सामान्य होने तक गश्त जारी रहेगी. परिसर में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी गयी है. Top Bureau

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Cockroach Janta Party: सिर्फ़ सरकार बदलने से क्या होगा?

बीजेपी को अपनी बड़ी fellowship बनाने में 100 साल...

Minority Scholarships and Inclusive Governance in Contemporary India

Najmuddin A Farooqi Despite extensive efforts obtaining comprehensive information has...

माइनॉरिटी एडवाइजरी काउंसिल के बैठक में शामिल हुए राहुल गांधी

इमरान प्रतापगढ़ी की शानदार पहल की राहुल गांधी ने...

अपमान से जन्मा आंदोलन: ‘कॉकरोच’ बना स्वाभिमान  का प्रतीक

कपिल बर्मन इस वैचारिक क्रांति का जन्म हाल ही के...