स्वास्थ्य तथा शिक्षा संस्थानों के साथ भेदभाव देश के भविष्य और विकास की राहों में बड़ा रोड़ा
सांसद दानिश अली ने राष्ट्रपति के साथ मुलाक़ात के दौरान कुछ ख़ास बातें कीं , जो आम तौर से मुस्लिम सांसद नहीं करते हैं . ये हैं वो ख़ास बातें

देश में कई अलग अलग तरह के मुद्दे क़ाबिल इ ग़ौर हैं ,और जिन पर सुचारु रूप से संसद में बहस होनी चाहिए जैसे देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक के खिलाफ नफरत का माहौल का बनाया जाना . नफरत पैदा करने वालों में खुद सरकार में बैठे लोगों की भूमिका होना उनके नफरती बयानात का लगातार आते रहना . देश में एकता और अखंडता के मुद्दे को सिरे से पीछे डाल देना .जबकि इसके बिना देश में विकास मुमकिन ही नहीं .

साथ ही अकलियती इदारों जैसे AMU , Jamia Millia Islamia , A & U Tibbia College करोल बाग़ के साथ सौतेला वयवहार किया जाना मुल्क की चिंता का विषय है , जिनको जान बूझकर अनदेखा किया जा रहा है | जबकि इन इदारों ने दुनिया भर में देश का नाम रोशन करने में नुमायां किरदार अदा किया है . और इन इदारों के संस्थापकों ने मुल्क की आज़ादी में अपना मुख्य रोल भी अदा किया है .
खुद हकीम अजमल यूनानी मेडिकल कॉलेज का भी सुनेहरा इतिहास है जो आज सौतेलेपन का शिकार हो रहा है . इस प्रकार से स्वास्थ्य तथा शिक्षा संस्थानों के साथ भेदभाव देश के भविष्य और विकास की राहों में बड़ा रोड़ा है , जो शायद जान बूझकर पैदा किया जा रहा है .
ऐसे में कुछ सांसदों की यह प्राथमिकता रहती है की उपरोक्त मुद्दों को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया जाए और इन क्षेत्रों में सकारात्मक योजना बनाकर उनका क्रयान्व्यन किया जाए | साथ ही देश के मूल निवासियों के साथ इन्साफ किया जाए और उनके अधिकार दिए जाएँ . इसी कड़ी में अमरोहा के नौजवान सांसद कुंवर दानिश अली देश भर में Like Minded सियासी लीडरान और पार्टियों के साथ विचार विमर्श में लगे हुए हैं .
हालिया दिनों में कुंवर दानिश अली कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर के लीडर और पूर्व प्रधान मंत्री देवगौड़ा जी से मिले , पूर्व मुख्यम्नत्री कर्नाटक HD कुमारस्वामी वग़ैरा से मिले और उनसे देश के हालात पर चर्चा की .और आज मंगलवार को सांसद दानिश अली ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाक़ात की उनको राष्ट्रपति बनाये जाने पर मुबारकबाद दी और उनसे भी देश के वर्तमान सियासी और समाजी हालात पर मुख़्तसर चर्चा की .



