अगर शिवसेना, बीजेपी का साथ छोड़ दे तो…

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राष्ट्रपति किसी की जेब में नहीं, शिव सेना की दो टूक , बीजेपी सन्न

NCP का बयान, कहा- अगर शिवसेना, बीजेपी का साथ छोड़ दे तो…

शिवसेना ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है और भाजपा द्वारा राष्ट्रपति या राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करने का कोई भी प्रयास न करे ये ‘देश के लिए खतरा’ है.

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के गठन को लेकर BJP और शिवसेना के बीच तनाव ख़त्म नहीं होरहा है. इस बीच एनसीपी की ओर से बड़ा बयान आया है कि अगर शिवसेना बीजेपी के बगैर ‘लोगों की सरकार बनाने को तैयार है, जिसकी छत्रपति शिवाजी महाराज ने कल्पना की थी, तो NCP सकारात्मक रुख अपनाएगी…’

NCP के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी लोगों के हित में कोई फैसला लेती है तो विकल्प खुले हो सकते हैं. हालांकि एक दिन पहले ही NCP सुप्रीमो शरद पवार ने कहा था कि उनकी पार्टी विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाएगी.

NCP प्रवक्ता नवाब मलिक ने ट्वीट किये और कहा कि ‘सरकार गठन की पहल शिवसेना की तरफ़ से होनी चाहिए.’ मालिक ने BJP नेता सुधीर मुनगंटीवार पर उनके बयान को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन थोपने का कोई प्रश्न ही नहीं है और उनकी पार्टी (NCP) महाराष्ट्र को लोकतांत्रिक तरीके से दिशा देने का प्रयास करेगी.

नवाब मलिक ने कहा, ”हम राष्ट्रपति शासन के माध्यम से लोकतंत्र का गला नहीं घोंटने देंगे. हम एक वैकल्पिक सरकार देने के लिए तैयार हैं पहले शिवसेना और अन्य दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.”

ज्ञात रहे कि बीजेपी महाराष्ट्र सरकार में BJP के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा था कि अगर राज्य में सात नवंबर तक नवीं सरकार नहीं बनती है तो यहां राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है. शिवसेना ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है और भाजपा द्वारा राष्ट्रपति या राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग करने का कोई भी प्रयास ‘देश के लिए खतरा’ हो सकता है.

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