कोटा राजस्थान :रफ्ता रफ्ता आई आई टी ,इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग के लिए देश भर में अपनी पहचान बना चुके कोटा (राजस्थान) के जिला कलेक्टर डॉ रविकुमार ने बच्चों के अभिभावकों को पत्र लिखा है कि जब माता-पिता दूसरी युवा प्रतिभाओं की कामयाबी को बड़े-बड़े होर्डिंग्स और विज्ञापनों में देखते हैं, तो मन में अपने बच्चों के लिए भी ऐसे ही सपने बुनते हैं। इसमें कोई बुराई भी नहीं कि कोई अपने बच्चे के लिए सुरक्षित और सुनहरे भविष्य की बात सोचे। अगर आपने अपने बच्चे पर जरूरत से ज्यादा दबाव बना रखा है, तो ये बेहद अजीब लगे, पर हो सकता है कि आपके बच्चे आपको नापसंद करने लगे हों। अगर आप किसी बेहतर बच्चे से उसकी तुलना करें, प्यार जताने में भेदभाव करें या फिर उसकी जरूरत से ज्यादा फिक्र करें तो वो घुटन महसूस कर सकता है। मैं सिर्फ ये अहसास कराना चाहता हूं कि आप ऐसी नौबत ही नहीं आने दें।
इतना ही नहीं कलेक्टर ने दूसरी तरफ कोचिंग संस्थानों के लिए भी गाइडलाइंस जारी किए हैं ताकि बच्चे अगर बीच में ही कोर्स छोड़ना चाहें तो उनसे पूरी फीस वसूल न की जाए और दाखिले के वक्त ही कोर्स के सक्सेस रेशियो की जानकारी जरूर दी जाए। आमतौर पर प्रशासन सामाजिक या मनोवैज्ञानिक मसलों से दूर रहता है, लेकिन बच्चों की खुदकुशी जैसे संवेदनशील मसले पर समस्या को सुलझाने की ये कोशिश सराहनीय कही जाएगी।