महाराष्ट्र का महा संग्राम , नेताओं की चल रही परेड

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गठबंधन के 162 विधायकों की सामूहिक परेड ,शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस दिखने चली शक्ति ,गवर्नर से परेड में शामिल होने की अपील

शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस का मुंबई के एक पांच सितारा होटल में सोमवार रात में होने वाला है शक्ति प्रदर्शन

 

नई दिल्ली: परेड वैसे तो सैन्य दिखावे के लिए इस्तेमाल होता है लेकिन अब सियासी दिखावे में भी इसका चलन बढ़ रहा है , नेताओं की परेड कराने का कई जगह मामला सामने आ चूका है आज फिर नेताओं की परेड मुंबई में होने जा रही है ।यह प्रदर्शन आप मुंबई के पांच सितारा होटल में देख सकेंगे ।

आज सोमवार की रात को शिवसेना, NCP और कांग्रेस मुंबई के एक पांच सितारा होटल में अपने सामूहिक 162 विधायकों की ‘‘परेड” कराएगी। संजय राउत ने ट्वीट कर राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से अपील की कि आप आएं और तीनों दलों के विधायकों की ‘‘परेड” को वह देखें।

शिव सेना नेता राउत ने राज्यपाल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए लिखा, ‘‘हम सब एक हैं और साथ हैं, हमारे 162 विधायकों को पहली बार शाम सात बजे ग्रांड हयात में देखिए, महाराष्ट्र (Maharashtra) के राज्यपाल खुद आएं और देखें।”

इसी बीच मुंबई में एक और बड़ा मामला सामने आगया , सिर्फ 24 घंटे में ही सारे गुनाहों से पाक होगये सिंचाई घोटाले के बड़े आरोपी और महाराष्ट्र के डेप्टी CM को 95 ,000 करोड़ के घोटालों से बरी करदिया गया इन पर कथित तौर से जुड़े 9 की फाइल फिलहाल बंद करदी गयी है ,यह ऐलान एक ED अधिकारी ने दिया और कोई भी मामला अजित पवार से जुड़ा नहीं है ।

राकांपा (NCP) के एक नेता ने कहा, ‘‘जनभावना को अपनी तरफ करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। जब हम 162 विधायकों का एक हॉल में परेड कराएंगे, तो पूरा देश देखेगा कि भाजपा (BJP) राज्यपाल के पद का दुरुपयोग कर महाराष्ट्र में गंदा खेल कर रही है।”शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के विधायक फिलहाल मुंबई के अलग-अलग होटलों में ठहरे हुए हैं।

वहीं महाराष्ट्र के इस रोचक किन्तु शर्मनाक सियासी नाटक पर देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला मंगलवार की सुबह 10:30 बजे आएगा। इसी बीच बताया जा रहा है की NCP के नेता अजित पवार को मनाने का कार्यक्रम भी चल रहा है । सुबह पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल अजित पवार को मनाने आए थे और फिर विधायक दल के नए नेता जयंत पाटिल और छगन भुजबल और दिलीप वालसे अजित पवार से मिलने गए।

सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि अजित पवार को वापस लाने के लिए एनसीपी-शिवसेना ढाई-ढाई साल सरकार चलाने के लिए तैयार हो गई है। यहाँ यह सवाल भी वाजिब है कि जब एनसीपी उसके पास 53 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है तो फिर अजित पवार से इतनी खुशामद क्यों की जा रही है?

हो सकता है मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट बीजेपी से सदन में बहुमत साबित करने को कहे तो ऐसे में जो विधायक अभी एनसीपी के साथ हैं कल किसी भी दबाव या लालच में आकर वो पाला बदल लें कर अजीत पवार के समर्थन में बीजेपी को सपोर्ट करदें , इसी लिए अजीत को NCP के लीडरों की तरफ से मनाने का सिलसिला जारी है , ऐसा ही कुछ हाल शिवसेना और कांग्रेस के नेताओं का भी सुनने में आ रहा है। इन दोनों पार्टियों के विधायकों को भी होटलों में रखा गया है। वहीं एनसीपी के विधायकों को तीन अलग-अलग होटलों में ठहराया गया है। ऐसे में हमारे पाठक सहज ही इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं अब सियासत में नैतिकता , विचार धारा और वचन बद्धता सब ख़त्म हो चुकी है , अब सिर्फ स्वार्थ और सत्ता तथा पैसा ही सब कुछ रह गया है यह किसी भी देश के भविष्य के लिए निहायत भयानक है , जागो वोटर जागो ।TOP Bureau

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