जेल में हुनर का जलवा

Date:

दौर ए हाज़िर का तग़य्युर ऐसे समझो आज तुम
बेहुनर मसनद नशीन बा हुनर ख़ाना ख़राब !!!

तिहाड़ की चार दीवारी में प्रतिभाओं को उजागर करने वालों को सलाम

जेल का नाम सुनते ही संवेदनशील और शरीफ़ इंसान के दिमाग़ में एक भयानक तस्वीर बन जाती है , और ज़ाहिर है होनी भी चाहिए , आखिर जेल जो है ,लेकिन इंसान के गुनाह की सजा में जेल होना तो समाज के लिए ज़रूरी है किन्तु क़ैदियों के भी अपने कुछ अधिकार होते हैं .

MEN POWER देश का धरोहर और एक ताक़त होता है और जेल में कम दिहाड़ी (WAGES) पर उनके माध्यम से ऐसे प्रोजेक्ट्स चलाये जा सकते हैं जिससे उनकी भी हिम्मत अफ़ज़ाई हो और देश की प्रगति में क़ैदियों की भी भागीदारी हो सके ।और समय समय पर उनकी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएँ तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्री स्तर पर उनकी प्रतिस्पर्धाएं कराई जाए , ताकि क़ैदी मानसिक तथ अशारीरिक तौर से भी मज़बूत रहें और उनको पुरस्कारों से सम्मानित किया जाए ।

ऐसे में जब कुछ लोग या संस्थाएं लोगों की SKILLS के अनुसार उनकी ट्रेनिंग करते हैं तो एक मामूली इंसान भी वो काम कर जाता है जो सुविधाओं से परिपूर्ण व्यक्ति नहीं कर पाता । हमको पता चला की इसी तरह की एक कोशिश तिहाड़ जेल के अंदर भी हो रही है , जहाँ क़ैदियों की प्रतिभाओं को उभारने और उनको बाजार में लाने का काम हो रहा है ।

ऐसा ही एक नज़ारा हमको दिखाई दिया दिल्ली इंडिया गेट के नज़दीक पंडरा पार्क में जहाँ हस्तकला की एक प्रदर्शनी लगी थी और वहीँ एक केबिन था जिस पर लिखा था तिहाड़ C J 4 , हमारे दिल में उत्सुकता हुई और जान्ने की कोशिश की के यहाँ तिहाड़ का क्या काम , वहां हमारी मुलाक़ात शाही हुसैन से हुई जो तिहाड़ प्रशासन के साथ मिलकर वहां प्रतिभाशील क़ैदियों को अपने अपने FIELDS में प्रोत्साहित करने का काम कर रही हैं ।

शाहीन ने हमको यह भी बताया कि तिहाड़ के प्रशासन की ओर से इस बात पर ख़ास ध्यान दिया गया है कि प्रतिभाशील क़ैदियों को उनके हुनर में महारत दिलाने के लिए प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलाएं जाएँ , जिसमें शाहीन अक्सर शामिल रहती हैं , उन्होंने हमें यह भी बताय कि जेल अब एक आश्रम का रूप ले रहा है , यानी क़ैदी को सजा उनके गुनाह की मिली है लेकिन उसके मानव अधिकारों का ध्यान करते हुए उसको उसी के माहौल में एक अच्छा और हुनरमंद इंसान बनने के लिए प्रेरित किया जारहा है ।जो एक अच्छी कोशिश है ।

हालांकि आपको बता दें कि जेल चाहे काला पानी (सेलुलर जेल) हो या कोई और हर जगह क़ैदियों को व्यस्त रखने और उनको काम पर लगाए रखने की एक परंपरा रही है , और उनके बनाये खाद्य पदार्थ या दुसरे रोज़ काम आने वाली वस्तुओं को मार्किट में लाने का चलन रहा है , मगर वर्तमान में आधुनिक तकनीक और अधिक सुविधाओं के साथ क़ैदियों से काम कराया जाने का चलन जेल के माहौल को तब्दील करने की ओर एक अच्छा क़दम है , और हमको शाहीन हुसैन ने यह भी बताया कि जेल से काफी क़ैदी अपनी पढ़ाई को जारी रखते हुए वहां से बैचलर और मास्टर डिग्रीज तक हासिल कर चुके हैं ।

सूरज का संकल्प क़ैदियों की कला प्रतिभा को जगाना

प्रदर्शनी के इसी तिहाड़ CJ4 के केबिन में हमारी मुलाक़ात सूरज नाम के एक नौजवान से हुयी जो फाइन आर्ट्स में मास्टर हैं और वो क़ैदियों को पेंटिंग्स सिखाने का काम कर रहे हैं , हम ऐसे सभी नौजवानो को मुबारकबाद देते हैं और सलाम करते हैं जो तरक़्क़ी  की इस दौड़ में अपने करियर की परवाह किये बग़ैर असामान्य बच्चों , बूढ़ों और क़ैदियों की सेवा में अपना समय लगा रहे हैं .

ऐसे लोग यक़ीनन मुबारकबाद के पात्र हैं , हम और हमारी संस्था ऐसे लोगों और नौजवानो को सलाम करते हैं और आशा करते हैं कि उनकी ये कोशिशें देश को विकास की राह पर ला सकते हैं , शर्त यह है कि हमारा राजनितिक सिस्टम अपनी ज़िम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने का संकल्प लेले ।

क्योंकि अक्सर संस्थानों और संस्थाओं में कार्यशीलता और गुणवत्ता की कमी इसी लिए आती है की उनका राजनीतिकरण होने लगता है , और राजनीती जिस खेल का नाम है वहां सिर्फ विनाश है , नफरत है , भेदभाव है खौफ है और साम्प्रदायिकता है ।

आरिफ़ कि हुनरमंदी , अद्भुत

इसी तिहाड़ के केबिन में लोहे के कबाड़ से बने कुछ MODELS दिखाई दिए , जो वास्तव में अद्भुत थे और जनता का ध्यान आकर्षित कर रहे थे , हमारा ख्याल था की ये भी किसी क़ैदी का ही आविष्कार होगा मगर पता चला यह आरिफ नाम के एक नौजवान की कला है और उन्होंने कबाड़ कक्को संजोकर खूबसूरत और अद्भत आइटम्स बनाये थे ।मीरुत के इस नौजवान का कहना था कि वो घर के कबाड़ और WASTE से खूबसूरत चीज़ें बनाने का हुनर जानता है और दुसरे इच्छुक लोगों को भी सिखाने का इरादा रखता है ।

चलिए इन सब PERSONALITIES से हम आपकी कराते हैं मुलाक़ात ::

https://www.youtube.com/watch?v=9SIFMz-Lgho&t=46s

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट, सरकार दबाव में?

Edited by mukesh Yadav करीब 10 अरब डॉलर का झटका,...

An Open Letter to Shri Yogi Adityanath Ji

Shri Yogi Adityanath Ji: Reflections on Governance and Social...

राहुल गांधी का अल्पसंख्यक विभाग के ज़िला अध्यक्षों से सीधा संवाद

राहुल गांधी ने किया कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के ज़िला...

NEET UG 2026: पुनर्परीक्षा की तैयारियों की केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा

धर्मेंद्र प्रधान ने निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु NEET परीक्षा...