केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में दिये हलफनामे को वापस ले: आरिफ मसूद

Date:

म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों की निर्मम हत्या के संबंध में भारत सरकार को हस्तक्षेप करने के लिए राष्ट्रपति जी के नाम सौंपा ज्ञापन

भोपाल। आज म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की हो रही निर्मम हत्याओं के विरोध में और भारत सरकार से इस नरसंहार को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की माॅग को लेकर म.प्र. काॅग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता आरिफ मसूद के नेतृत्व में बुधवारा चैराहे पर धरना दिया गया जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं बुद्धिजीवीयों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए और राष्ट्रपति महोदय के नाम का ज्ञापन सौंपा।


धरने को संबोधित करते हुए आरिफ मसूद ने कहा कि म्यांमार की सेना द्वारा मानव अधिकारों का हनन किया जा रहा है जिसमंे वृद्ध और मासूम बच्चों व औरतों को निर्वस्त्र कर तरह-तरह की यातनाएं देकर उनकी हत्याएं की जा रही हैं वहाॅ की सरकार ने खाद्य सामग्री बंद कर दी है जो कि इंसानियत और अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकारों का हनन किया जा रहा है। भारत में रह रहे म्यांमार शरणार्थीयों के संबंध में भारत सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दिया गया है उसको भारत सरकार वापस ले।
आगे आरिफ मसूद ने कहा कि तिब्बत से आए 1 लाख लोगों को भारत ने शरण दी बंगला देश चकमा से आए शरणार्थियों को भी भारत ने शरण दी इसी तरह श्रीलंका से तमिल शरणार्थियों को शरण देकर भारत मंे रहने दिया गया और राजीव गाॅधी जी की हत्या के बाद भी भारत सरकार ने तामिल लोगों को वापस नहीं पहुॅचाया।
आगे आरिफ मसूद ने कहा कि 27-28 अगस्त को मुसलमानों के साथ 865 हिन्दुओं को भी मारा गया है 500 हिन्दुओं ने बंगलादेश में शरण ली है भारत के प्रधानमंत्री जी ने म्यांमार सरकार से इस संबंध में अब तक कोई भी शांति बहाली के लिए चर्चा नहीं की है। शीघ्र ही म्यांमार सरकार से इस संबंध में चर्चा की जाए और वहाॅ से आने वाले शरणार्थीयों को भारत शरण दे।
धरने को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के सचिव कामरेड शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहा कि भारत की अधिकांश जनता सैकुलर है, रोहिंग्या मुसलमान संकट में है तो उनकी मदद करना चाहिए जबतक म्यांमार में हालात सामान्य ना हो जाएं तब तक भारत में रहने का अधिकार देना चाहिए।
धरने को संबोधित करते हुए भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा के संयोजक बाल कृष्ण नामदेव ने कहा कि आज मानवता संगसार हो रही है म्यांमार में जो हालात हैं उसे देखते हुए भारत सरकार को म्यांमार की सरकार से वहाॅ शांति बहाल करने के प्रयास करना चाहिए।
धरने को संबोधित करते हुए सिख गुरूद्वारा कमेटी के अध्यक्ष श्री जानी दिलिप सिंह ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जो किया जा रहा है वह अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकारों का उल्लंघन है सिख समुदाय रोहिंग्या से आए हुए शरणार्थीयों की सहायता के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रहा है इन्हे खाने पीने की सामग्री वितरण की जा रही है।
इस अवसर पर भारत मुक्ती मोर्चा वाम सेन के संभागीय अध्यक्ष दीपक खरे एवं दीपक जाटव एवं पार्षद रईसा मलिक, रफीक़ कुरैशी, शाहवर मंसूरी, मेवालाल कनर्जी, पूर्व पार्षद मो. माहिर आदि ने भी धरने को संबोधित किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

डॉ. शम्स इक़बाल के प्रयास सराहनीय : डॉ. सैयद अहमद ख़ाँ

राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद में पाँच वर्षों से...

Farangi Mahal: A Legacy of Scholarship

Farangi Mahal: A Legacy of Scholarship, National Service and...

Mamdani’s Rise Signals a Shift in NYC Democratic Politics

New York: The contrast on New York City's primary...

Jamiat treats in Free Medical Camp at Ajmer

Jamiat medical camp at Ajmer Urs treats 1,415 pilgrims...