वाराणसी, 29 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी और आसपास के जिलों में गुरुवार भोर से चक्रवाती तूफान अर्नब का असर दिखने लगा। आसमान में बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। हालांकि, मौसम के बदले मिजाज के बावजूद गंगाघाटों पर रौनक कम रही। मौसम के विपरित होने के बावजूद सुबह से ही श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचने लगे।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वाराणसी में गुरुवार और शुक्रवार को भारी वर्षा, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन ने जर्जर भवनों, कच्चे मकानों और कमजोर दीवारों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और निर्माणाधीन ढांचों से दूर रहने को कहा गया है।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लोगों को खुले मैदान, खेत, छत और नदी के किनारे जाने से बचने तथा गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी गई है। भारी बारिश में जलभराव वाले रास्तों, नालों और अंडरपास से गुजरने से भी बचने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से बारिश और तेज हवा की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल के साथ केले, पपीते और अन्य पेड़-पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। जिन इलाकों में भारी बारिश होगी, वहां खेतों में पानी जमा होने से परेशानी बढ़ सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान जरूरी सावधानियां बरतें।