पाकिस्तान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन सिलेंडर विस्फोट में गर्भवती समेत आठ की मौत

इस्लामाबाद (पाकिस्तान), 29 अक्टूबर । पाकिस्तान के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में ऑक्सीजन सिलेंडर की वजह से हुए विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। इनमें गर्भवती भी शामिल है। यह त्रासदी सिंध प्रांत के थारपारकर जिला से सामने आई है। थारपारकर जिला मुख्यालय मीठी में मौजूद बचाव अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। सिंध प्रांत के मीरपुर खास डिवीजन का यह जिला देश का सबसे बड़ा हिंदू आबादी वाला जिला है। प्रांत के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित यह जिला थार रेगिस्तान का हिस्सा है।

द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, थारपारकर जिला बचाव अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट से कारण पीएचसी में खड़ी एम्बुलेंस में लगी आग में मौके पर गर्भवती महिला समेत सात लोगों ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से झुलसे कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरी एम्बुलेंस से मीठी ले जाया गया। मगर उनमें से एक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। बचाव अधिकारियों के अनुसार, पीएचसी में यह हादसा उस समय हुआ जब एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर बदला जा रहा था। सहायक आयुक्त इरम करीम नरेजो ने बताया कि जब विस्फोट हुआ, तब एम्बुलेंस स्वास्थ्य केंद्र में खड़ी थी। आज (29 अक्टूबर) प्रसारित रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह त्रासदी कब की है।

पुलिस ने बताया कि मृतकों में पीएचसी का एक डिस्पेंसर, एम्बुलेंस चालक, एक चौकीदार और एक अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इनके अलावा गर्भवती महिला और उसके साथ आए दो लोगों की भी जान चली गई। झुलसे लोगों में दो दाइयां (मिडवाइफ) और एक महिला अटेंडेंट भी शामिल हैं। उधर, सिंध के गृह और कानून मंत्री जियाउल हसन लंजर ने इस घटना का संज्ञान लिया है और थारपारकर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त से पूरी जानकारी मांगी है।

इस त्रासदी ने थारपारकर में स्वास्थ्य सेवा और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था की ओर फिर से ध्यान खींचा है। यहां सूखा और रेगिस्तानी इलाका है। यहां के निवासी इलाज के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं। अक्टूबर 2019 में जियो टीवी ने रिपोर्ट दी थी कि मीठी के सिविल अस्पताल ने एक शिशु के शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस देने से इनकार कर दिया था। अस्पताल ने इसके लिए ईंधन के वास्ते फंड की कमी का हवाला दिया था।

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