“हमारी सदा ट्रस्ट ” शिक्षा और सेवा के चमन में एक नया फूल
Press Release
ख़िदमत इ ख़ल्क़ इबादत है ….
सेवा परमो धर्म :
तमाम मज़हबों के नज़दीक मख्लूक़ (Creations) की ख़िदमत को इबादत का दर्जा दिया गया है . मगर इस्लाम में हर अमल के साथ नीयत का बड़ा दख़ल है . यानी जो नेक काम भी रब की रज़ा के लिए किया जाता है , वो इबादत में लिखा जाता है . और ज़ाहिर है इंसानों के लिए इल्म सीखना और सिखाना दोनों ही इबादत हैं . “Ballighu ‘Anni walau Ayah.. बल्लिग़ु अन्नी वलौ आयाह ” (بلغوا عني ولو آية) बुख़ारी (Hadith no. 2838)
क्या आपने ये देखा ?
इसी उन्वान पर “हमारी सदा ट्रस्ट” के शिक्षा सेंटर अपनी ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं . और ट्रस्ट की कोशिश है , जहाँ तक उसकी रसाई है वहां तक इल्म की शमा को रोशन किया जाए . इसके लिए सदा ट्रस्ट अपने तमाम Resources का इस्तेमाल करने में मसरूफ़ है . और “हमारी सदा ट्रस्ट” में ख़िदमात देने वाले कुछ लोग स्वेच्छा से अपनी सेवाएं देते हैं .
पिछले दिनों “हमारी सदा ट्रस्ट “के अधीन चलने वाले ‘औजे फ़लक शिक्षा सेंटर’ में 74वां गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. शिक्षा सेंटर के छात्रों में काफी उत्साह देखने को मिला, छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया.
छात्रों ने इस मौके पर भाषण दिए , गीत और कविताएं सुनाईं और साथ ही छात्रों ने रंगा-रंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये.ट्रस्ट बच्चों में खेल प्रतिभाओं को भी जगाने की चेष्टा पैदा करता है . और प्रतिभाओं को उजागर करने में भी ट्रस्ट की दिलचस्पी है , ताकि सरकार की खेलो इण्डिया जैसे कार्यक्रमों का लाभ जनता को पहुँचाया जा सके .
‘औजे फ़लक शिक्षा सेंटर’ में 74वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया और छात्रों से रब के नाम के साथ देश के संविधान का पालन करने का वचन लिया गया .स्वच्छता को अपना मक़सद बनाने का भी वचन लिया गया .
और इस मौके पर “हमारी सदा ट्रस्ट ” के संस्थापक मुहम्मद इरशाद ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की हदीस को ब्यान करते हुए “सफ़ाई और पाकी आधा ईमान है” की तरफ़ तवज्जोह दिलाई गयी . हदीस के हवाले से सफ़ाई और स्वच्छता को बताया गया ताकि बच्चे इसको अपनी मज़हबी ज़िम्मेदारी समझकर लगन से करें .
इस मौके पर शिक्षा सेंटर में महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस,अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ान, डॉ. भीम राव आंबेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, लाला लाजपत राय और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद वगैरह स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की कुर्बानियों को भी याद किया गया .
छात्रों ने अपने भाषण में बताया कि हमारा देश तो सन 1947 में आज़ाद हो गया था तब तक देश में अंग्रेज़ों का क़ानून चलता था. लेकिन जब 26 जनवरी, सन 1950 को संविधान लागू किया गया तब जाकर देश को पूरी तरह से अंग्रेज़ों से छुटकारा मिला और हमारा देश गणतंत्र बना .
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इस मौके पर “हमारी सदा ट्रस्ट” के संस्पाथक मोहम्मद इरशाद आलम ने छात्रों से पूछा कि हम गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं? पूछने का उद्देश्य यह था कि जो छोटे छात्र सेंटर में आते हैं वह भी गणतंत्र दिवस और स्वतंत्र दिवस के फ़र्क़ को समझ सकें.
मोहम्मद इरशाद आलम ने छात्रों को बताया कि इस दिन हमारे देश का क़ानून लागू हुआ था .और साम्राजयवाद की जगह जनता का राज आया , जनतंत्र आया इसलिए हम इसको गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं.
उन्होंने छात्रों से पूछा कि क़ानून का पालन करने के लिए आप लोग क्या काम कर सकते हैं? तो छात्रों ने बताया कि देश की संपत्ति की सुरक्षा करना , देश की सरहदों की हिफाज़त करना , ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना ,सड़क देख कर पार करनी चाहिए , ट्रैफिक पुलिस की बात माननी चाहिए और जो भी हमारे संविधान में क़ानून है उस पर अमल करना चाहिए.
इसके अलावा इस मौके पर मोहम्मद इरशाद आलम ने छात्रों को सफ़ाई का ख़ास ख्याल रखने की तरफ़ ध्यान दिलाया .घर में अपने बड़ों और ख़ास तौर से माता पिता के हुक्म का पालन करने की भी तरग़ीब दी .संस्थापक इरशाद ने बच्चों को आला तालीम हासिल करने के बाद देश और इंसानियत की ख़िदमत करने की तरफ़ बच्चों का ध्यान आकर्षित किया .
“हमारी सदा ट्रस्ट” के संस्पाथक मोहम्मद इरशाद आलम ने छात्रों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी और छात्रों से आह्वान किया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी छात्र नागरिक कर्तव्यों का पालन करने की शपथ लें. अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें और उनका निरंतर पालन करते रहें.
बता दें कि “हमारी सदा ट्रस्ट” (NGO) देश की कई रियासतों में शिक्षा के मैदान में काम कर रहा है. लोगों में शिक्षा के लिए बेदारी मुहिम से लेकर गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने तक का महत्वपूर्ण कार्य इस ट्रस्ट के ज़रिये 2016 से किया जा रहा है.
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