मेरी हालत उस दूल्हे जैसी जिसकी नसबंदी करा दी गई है :हार्दिक पटेल

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हार्दिक का इस तरह का तेवर गुजरात कांग्रेस के लिए दिक़्क़तें बढ़ा सकता है

नई दिल्ली :// जैसा की ज्ञाता है गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले ही गुजरात कांग्रेस में अंदुरूनी घमासान नजर आने लगा है. पाटीदार नेता और गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल अपनी पार्टी कांग्रेस से इन दिनों नाराज दिख रहे हैं.हालाँकि कांग्रेस के नेताओं का नाराज़गी का सिलसिला पूरे देश में जारी है इसी कड़ी में हार्दिक पटेल ने बुधवार को कहा कि उन्हें पार्टी में दरकिनार किया गया है और पार्टी नेतृत्व उनके कौशल का उपयोग करने को तैयार नहीं है.

हार्दिक पटेल ने बड़े मायूसी भरे अंदाज़ में कहा , गुजरात कांग्रेस में मेरी हालत उस दूल्हे जैसी है, जिसकी शादी के बाद नसबंदी करा दी गई हो.उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे वक्त में की है, जब सुप्रीम कोर्ट ने मेहसाणा हिंसा मामले में उन्हें दोषी ठहराए जाने के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. इसके बाद हार्दिक ने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं.

जैसा की आपको ज्ञात है कि साल 2015 में, पाटीदार समुदाय नेता हार्दिक पटेल ने गुजरात में समुदाय के अभियान की अगुवाई की थी, उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत आरक्षण की ज़ोरदार मांग की थी , जिसके बाद राज्ये की बीजेपी सरकार डगमगाने लगी थी .

सूत्रों के हवाले से पता चला , हार्दिक पटेल की शिकायत है कि मुझे पीसीसी (गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमिटी) की किसी बैठक में आमंत्रित नहीं किया जाता. कोई भी निर्णय लेने से पहले मुझसे सलाह नहीं ली जाती है. फिर इस पद का क्या मतलब है?

हार्दिक की नाराजगी की एक दूसरी वजह पाटीदार नेता नरेश पटेल को कांग्रेस में शामिल किए जाने में हो रही देरी भी है उनका कहना है कि इसकी वजह से पूरे पाटीदार समाज का अपमान हो रहा है.जो हार्दिक के लिए भी अपमान की बात है .हार्दिक ने कहा दो महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक नरेश पटेल को पार्टी में शामिल करने पर फैसला नहीं हुआ? उन्होंर कहा कांग्रेस हाईकमान और स्थानीय नेतृत्व को इस पर तुरंत फैसला लेना चाहिए.

 

हार्दिक ने विरोध जताते हुए कहा “हाल ही में, उन्होंने 75 नए महासचिवों और 25 नए उपाध्यक्षों की घोषणा की, क्या उन्होंने मुझसे सलाह ली ?, ”

बता दें कि हार्दिक पटेल को 2020 में गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था. हार्दिक ने कहा कि आरक्षण आंदोलन ने 2015 में स्थानीय निकायों के चुनावों और 2017 के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस को बड़ी संख्या में सीटें जीतने में मदद की थी.

हार्दिक पटेल ने कहा कांग्रेस के कई दिग्गजों का मानना है कि पार्टी 2019 के बाद से आज तक हार्दिक पटेल का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई है . इसकी वजह शायद ये है कि पार्टी में कुछ लोग सोच रहे हैं कि अगले 5-10 साल में हार्दिक उनकी तरक्की की राह में बाधा बन सकता है .याद रहे 2022 दिसंबर में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं .ऐसे में हार्दिक का इस तरह का तेवर गुजरात कांग्रेस के लिए दिक़्क़तें बढ़ा सकता है , जिसको कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से जोड़कर भी देखा जाना वाजिब होगा .

इस बीच, गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने कहा कि हार्दिक की निराशा को समझने के लिए उनके साथ बैठक की जाएगी और गजरात कांग्रेस पार्टी , नरेश पटेल के स्वागत के लिए तैयार है. गेंद अब नरेश पटेल के पाले में है. हमने उनसे पहले भी चर्चा की थी और उनसे पार्टी में शामिल होने का न्योता भी दिया था. अब आखरी फैसला केवल उनके द्वारा लिया जाना बाक़ी है .

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