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नमाज़ दीन का खम्भा है

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लोग नमाज़ क्यों नहीं पढ़ते??

” एक दोस्त ने अपने नमाज़ शुरू करने की यह वजह बयान की……और मैं हिलकर रहगया

” मैं उस दिन बहुत आसानी से नमाज़ी बन गया , जब एक रोज़ क्लास में बैठा था औरऔर मेरा इस्लामियत का घंटा(पीरियड) था तभी क्लास टीचर आए और उस रोज़ अलग से एक सवाल किया , आपकी नजर में कौन लोग नमाज़ नहीं पढ़ते??

एक स्टूडेंट ने बड़ी मासूमियत से कहा।।
जो लोग मर गए हैं वह नमाज नहीं पढ़ते❗ दूसरे ने शर्मिंदगी से जवाब दिया जिन लोगों को नमाज पढ़ना नहीं आती❗ तीसरा बच्चा अपनी जगह से खड़ा हुआ और निहायत माकूल जवाब दिया सर< जो लोग मुसलमान नहीं हैं वह नमाज नहीं पढ़ते❗
इसी बीच एक बच्चा बोलै जो लोग काफीर (रब के ना फरमान ) हैं वह नमाज नहीं पढ़ते❗तभी एक बच्चा खड़ा हुआ और बोलै मेरे ख्याल से वो जो बीमारी की वजह से अस्पतालों मैं हैं या उनके हाथ पेअर टूट गए हैं । किसी ने जवाब दिया जो लोग खुदा से नहीं डरते वह लोग नमाज नहीं पढ़ते ❗

तमाम स्टूडेंट ने जब अपने अपने जवाबात और नज़रिये ब्यान कर दिए तभी मैं सोचने लगा की मैं उनमें से किस catagory मैं आता हूँ ,और बस मैं गहरी सोंच में डूब गया कि , क्या मैं मर गया हूं क्या ,मुझे नमाज पढ़ना नहीं आती ,क्या मैं मुसलमान नहीं हूं , क्या मैं अपने परवरदिगार से नहीं डरता क्या मैं काफिर हूं , क्या मेरे हाथ पैर टूट गए हैं ,,क्या मैं अस्पताल मैं हूँ , मेने पाया की मैं इस मैं से किसी catagory में नहीं आता था ।

मैंने सुना था की जब आदमी मैदान हश्र मैं होगा तो उससे पहला सवाल नमाज़ ही का होगा ,अब मैं डरने लगा था की अगर मैं इस सवाल का जवाब पॉजिटिव नहीं दे पाया तो …………………………

मैं सेहतमंद दरमियानी खानदान से हूँ , मेरे पास ज़रुरत भर सामान मोहय्या है , मेरे रब ने रब ने मुझे अच्छी सेहत से नवाज़ा है , मैं दीवालिया पागल भी नहीं हूँ , फिर आखिर मैं क्यों नहीं अपने रब का फरमानबरदार बन जाता । मुझे अपने पडोसी की हैबतनाक मौत याद आगयी वो भी कभी नमाज़ नहीं पढता था ।
बस मैंने तौबा की और रब से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगी और आज़म(पक्का इरादा ) किया कि आज से नमाज़ नहीं छोडूंगा चाहे कुछ भी हालात हों ।

और हाँ दोस्तों आप भी अपनी catagory देखले की आप किस सातगोरी मैं आते हैं , क्या आप …………………………..

मेहरबानी करके इस मैसेज को फॉरवर्ड ज़रूर करदें क्योंकि अगर आपके इस मैसेज से किसी ने सबक़ लेकर नमाज़ शुरू करदी तो उसकी और उसके बाद उन सभी इंसानो की नमाज़ का आपको आपकी क़बर मैं भी अजर मिलता रहेगा जो आपके इस मैसेज की बदौलत नमाज़ी बने थे ।

Sender
Shoaib khan S/O Mashallah khan
chandyana Barah basti
Buland Shaher

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