[]
Home » Events » तेवा फैक्ट्री से हो रहे जलवायु प्रदुषण पर सांसद कुँवर दानिश अली ने जाँच समिति की रखी मांग
तेवा फैक्ट्री से हो रहे जलवायु प्रदुषण पर सांसद कुँवर दानिश अली ने जाँच समिति की रखी मांग

तेवा फैक्ट्री से हो रहे जलवायु प्रदुषण पर सांसद कुँवर दानिश अली ने जाँच समिति की रखी मांग

Spread the love

10 दिसम्बर 2021

प्रेस विज्ञप्ति

आज लोकसभा में माननीय संसद कुँवर दानिश अली जलवायु परिवर्तन पर चर्चा के दौरान देश में बढ़ रहे प्रदुषण के कारणों पर विशेष चर्चा करते हुए गजरौला में स्थित तेवा फैक्ट्री से हो रहे जल वायु प्रदुषण से अवगत कराया और जाँच समिति बैठाने की मांग।

उन्होंने कहा के हम देश के करीब सबसे प्रदूषित शहर में बैठ कर बात कर रहे हैं। जब सर्दी का मौसम आता है, तो दिल्ली में इतना प्रदुषण होता है कि बच्चों को सांस लेना मुश्किल हो जाता है। हम सिर्फ यहां की बात नहीं करते हैं, हम जिस देश में पैदा हुए हैं, हमारी संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की है। पृथ्वी एक परिवार है तो हमें पूरी दुनिया के बारे में बात करनी चाहिए।

Advertisement…….

उन्होंने माननीय मंत्री जी को ग्लासगो में भारत का पक्ष रखने के लिए बधाई बधाई देते हुए कहा के को ग्लासगो में भारत का पक्ष रखने साथ-साथ, दुनिया भर में सन् 2050 में यह जो ग्रीन हाऊस गैस एमिशन को कट करने की बात थी, उसमें उन्होंने अपनी असमर्थता जताई है। चीन भी सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले देशों में आ गया है। उसने भी सन् 2060 की बात कही है।
उन्होंने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि हमें कोयले का प्रयोग जल्द से जल्द कम करना चाहिए। हम जानते हैं कि सोलर एनर्जी और विंड पॉवर प्लांट्स से करीब 2 रुपये 45 पैसे से तीन रुपये प्रति यूनिट तक बिजली का उत्पादन होता है। जबकि कोयले से साढ़े तीन रुपये से तीन रुपये 40 पैसे तक में उत्पादन होता है, जो काफी मंहगा है। लेकिन ऐसी क्या वजह रही कि हम लोग कोयले पर ज्यादा निर्भर हैं।

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा के हम जानते हैं कि पिछले दिनों कैसे हिंदुस्तान के एक बड़े कार्पोरेट हाऊस (अडानी) ने ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी कोल माइन खरीदी है। कहीं इसका तो कोई प्रभाव नहीं है कि हम कोयले से उत्पादित होने वाली बिजली पर ज्यादा निर्भर करने की बात कर रहे हैं।

आगे उन्होंने मीथेन गैस से होने वाले दुष्प्रभाव पर बात करते हुए कहा कि हम लोगों ने ग्लोबल मिथेनप्लेज पर भी मेरे ख्याल से दस्तखत नहीं किए हैं। यह बहुत ज़हरीली गैस होती है। कई बार हम दिल्ली में भी देखते हैं जो प्राकृतिक गैस की आधारभूत संरचना है, उसमें रिसाव होता है।
यह जाहिर सी बात है कि सरकार को ज्यादा काम करना है, लेकिन जलवायु परिवर्तन में दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति का योगदान होना चाहिये और वह हमें करना पड़ेगा। यहां करीब 21 प्रतिशत फॉरेस्ट है। माननीय प्रधान मंत्री जी ने, माननीय मंत्री जी ने और सरकार ने कहा कि इसको 33 फ़ीसद तक ले कर जाएंगे। लेकिन भारत ने 2030 तक वनों की कटाई को रोकने पर ग्लोबल लीडर्स स्टेटमेंट पर हस्ताक्षर नहीं किए। मतलब हम कहते कुछ हैं और करते उसका उल्टा हैं। जबकि ब्राज़ील और इंडोनेशिया में ज्यादा डीफॉरेस्टेशन होता है। उन्होंने इस पर साइन किया और हम लोगों ने एग्री नहीं किया

उन्होंने अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी माननीय मंत्री जी का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा के मेरे अमरोहा लोक सभा क्षेत्र में, जिसमें हापुड़ जिले का भी एक बड़ा पार्ट है, वहां पर जल स्तर रेड ज़ोन में है। इस पर कई बार ‘दिशा’ की बैठक में भी चर्चा होती है। कई ऐसे प्रदूषित उद्योग गांवों में लग जाती हैं। मेरे यहां एक गांव चौधरपुर नाम से हैं। वहाँ बड़ी-बड़ी केमिकल्स इंडस्ट्रीज़ लगी हुई हैं। मेरे ख्याल से, मैं जितने कैंसर मरीज़ों के सिफ़ारिशी पत्र प्रधानमंत्री जी को लिखता हूँ, शायद उतना कोई नहीं लिखता होगा। वहाँ कई लोगों ने ई.टी.पी. प्लांट्स लगाए हुए हैं, लेकिन उनका संचालन नहीं होता है। मेरे यहाँ डिस्टिलरीज़ हैं, सिंभावली शुगर फैक्ट्री है। उस पूरे क्षेत्र में बहुत कैंसर मरीज़ हैं। इन उद्योगों ने प्लांट्स लगा रखे हैं, लेकिन वे चलाते नहीं हैं।

हमारे यहाँ गजरौला में ‘टेवा’ नाम की एक केमिकल फैक्ट्री है, अभी पिछले दिनों नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उस पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना किया, लेकिन वह जुर्माना भी यह कंपनी जिला प्रशासन के पास जमा नहीं करा पाई है। मेरी माननीय मंत्री जी से गुजारिश है कि आप एक हाई पावर्ड कमेटी अमरोहा लोक सभा क्षेत्र तथा हापुड़ जिले में भेजें और उसकी जाँच कराएं, क्योंकि यह हमारे क्षेत्र के लोगों की जान के लिए खतरा है। चाहे हम दिल्ली में हों, एन.सी.आर. में हों, प्रदूषण की स्थिति बहुत ही खराब है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Scroll To Top
error

Enjoy our portal? Please spread the word :)