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सोनिया गांधी का लौटता आत्मविश्वास

सोनिया गांधी का लौटता आत्मविश्वास

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* सोनिया गांधी का लौटता आत्मविश्वास !

आत्मविश्वास के पर्दे के पीछे कौन ?

देवेंद्र यादव
कोटा राजस्थान
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लंबे समय से कांग्रेस को लेकर कांग्रेस जन और देश के राजनीतिक पंडित और विश्लेषक जिस दिन का इंतजार कर रहे थे 16 अक्टूबर शनिवार को वह दिन था जब कांग्रेस की अंतिम अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने अपने आप को पूर्ण कालीन अध्यक्ष बताते हुए ना केवल आम कांग्रेस जनों का मनोबल बढ़ाया बल्कि राजनीतिक पंडितों और राजनीतिक विश्लेषकों को विश्लेषण करने पर मजबूर कर दिया ! श्रीमती सोनिया गांधी के बयान के बाद, कांग्रेस के वह नेता भी सकते में आ गए होंगे जो नेता मीडिया के भीतर बयान दे रहे थे की हमें तो यह भी पता नहीं है कि कांग्रेस का अध्यक्ष कौन है ? उन नेताओं को श्रीमती सोनिया गांधी बता दिया कि कांग्रेस का असल अध्यक्ष कौन है ?

16 अक्टूबर को कांग्रेस वर्किंग कमिटी की मीटिंग का इमानदारी से विश्लेषण करें तो इसमें श्रीमती सोनिया गांधी का आत्मविश्वास पूर्ण रूप से झलकता हुआ दिखाई दे रहा है और लग रहा है कि कांग्रेस श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व में 2004 का इतिहास 2024 में दोहराने जा रही है !

सोनिया गांधी से वक्तव्य लगता है कि सितंबर महीने में होने वाले कॉन्ग्रेस पार्टी के चुनाव में एक बार फिर से कॉन्ग्रेस की कमान सोनिया गांधी अपने हाथों में लेंगी और 2024 का लोकसभा चुनाव अपने नेतृत्व में लड़ेंगी ! श्रीमती सोनिया गांधी का यह संदेश की मैं हूं कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष, यह संकेत देता है की आगामी लोकसभा चुनाव कॉन्ग्रेस श्रीमती सोनिया गांधी के ही नेतृत्व में लड़ेगी !

कॉन्ग्रेस के 7 साल से केंद्र की सत्ता से बाहर रहने के बाद और लगातार लोकसभा के दो चुनाव हारने के बाद पहली बार कॉन्ग्रेस के आम कार्यकर्ताओं ने और देश के राजनीतिक पंडितों और विश्लेषकों ने सोनिया गांधी का आत्मविश्वास देखा है ! क्योंकि कांग्रेस के सत्ता से बाहर रहने और लगातार दो लोकसभा चुनाव हारने के बाद चर्चा होने लगी थी कि कांग्रेस कमजोर हो गई है यही नहीं चर्चा तो यह भी हो रही थी की कांग्रेस खत्म होने के कगार पर है, ऐसी आवाज बाहर से सुनाई नहीं दे रही थी बल्कि कांग्रेस के भीतर से भी कांग्रेस के क्षत्रप उठा रहे थे !

अब सवाल उठता है की सोनिया गांधी के लौटते हुए आत्मविश्वास और सोनिया गांधी के आत्मविश्वास के कारण कॉन्ग्रेस जन के बढ़ते मनोबल के पीछे रणनीतिकार कौन है ?

क्या पर्दे के पीछे रणनीतिकार वी जॉर्ज हैं, क्या वी जॉर्ज लौट आए हैं ! कांग्रेस के रणनीतिकार और श्रीमती सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार अहमद पटेल की मृत्यु के बाद, कांग्रेस की राजनैतिक रणनीति में अचानक गिरावट स्पष्ट रूप से देखी जा रही थी, लेकिन पंजाब कांग्रेस को लेकर जिस प्रकार की रणनीति बनाई और फैसला लिया उससे लगा कि कॉन्ग्रेस मैं अहमद पटेल का स्थान किसी शख्स ने ले लिया है जो पर्दे के पीछे से रणनीति बना रहा है, वह नाम राजनीतिक गलियारों में तो अभी नजर नहीं आ रहा है लेकिन संकेत दे रहा है की वह नाम वी जॉर्ज के रूप में हो सकता है ?

जॉर्ज ने राजीव गांधी और श्रीमती सोनिया गांधी के साथ लंबे समय तक काम किया है, जॉर्ज अनुभवी राजनीतिक रणनीतिकार भी हैं एक समय था जब अहमद पटेल जैसे नेता को भी जॉर्ज के रास्ते श्रीमती सोनिया गांधी से मिलना पड़ता था, किसी कारणवश कॉन्ग्रेस के सत्ता में आने के बाद जॉर्ज कांग्रेस की सत्ता के गलियारों से बाहर हो गए थे लेकिन अब लगता है कि जॉर्ज कांग्रेस के गलियारे में वापसी कर रहे हैं ? 2004 मैं कांग्रेस को सत्ता मैं लाने के पीछे जॉर्ज की बड़ी भूमिका थी तब जॉर्ज श्रीमती सोनिया गांधी के बड़े सलाहकार थे ! क्या कॉन्ग्रेस 2004 का इतिहास 2024 में दोहराएंगी ? श्रीमती सोनिया गांधी के आत्मविश्वास और आत्मबल से तो यही संकेत मिलते हैं !
देवेंद्र यादव
कोटा राजस्थान

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