क्या किसी मौत के घर में कोई ढोल नककारे बजाते आता देखा आपने ?नहीं मगर हाँ एक शख्स जब अपनी दौलत को समाज के सामने उस वक़्त दिखाने निकल रहा हो जब समाज में भुकमरी और सोखा की वजह से लोग मर रहे हों तो आप क्या कहेंगे? शायद यही की वो मज़ाक़ उड़ा रहा है भूखों और प्यासों की और शायद मौत की भी ।ऐसा ही कुछ सूखे से जूझ रहे राज्ये महाराष्ट्र में देखने को मिला जब एक नेता जी 4 किलो सोने की सूरत पहनकर बाहर निकले और क़ैद करलिए गए मगर सिर्फ कैमरा में ।इनको शायद झूटी शांति मिल गयी हो किन्तु ृहदय से उनको शांति मिली की नहीं इसका नहीं मालूम ।टॉप ब्यूरो