फरमान न मानने पर पूरे परिवार का होगा बायकाट
बागपत:यूँ तो मुस्लिम समाज दशकों से लड़कियों के बिगड़ते लिबास पर अपनी चिंताएं वयक्त करता रहा है और इस्लाम में ऐसे लिबास पर सख्त पाबंदी है जिससे औरत के जिस्म कि नुमाइश होती हो ऐसे में पिछले दिनों बाग़पत उत्तर प्रदेश की एक पंचायत ने लड़कियों के जीन्स और तंग कपडे पहनने पर पाबंदी लगाकर उसको और मज़बूती दी है ।देश के हर एक सूबे में लड़कियों के साथ बढ़ती बदसुलूकी के चलते कई बार उनके लिबास को ज़िम्मेदार ठहराया गया है जबकि कुछ वर्गों ने इसकी मुखालफत भी की थी ।कुल मिलाकर न तो लिबास पर कोई पाबंदी लग पाई और न ही लड़कियों के साथ होने वाली बदसुलूकी पर ,ऐसे में बाग़पत की पंचायत का फरमान कितना मन्ये रहेगा देखना बााकी है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक गांव की पंचायत ने लड़कियों के जींस या दूसरे अन्य तंग कपड़े पहनने को सामाजिक बुराइयों की बड़ी वजह करार दिया है। पंचायत ने साथ ही ऐसे कपड़े पहनने पर पाबंदी लगा दी है और आगाह किया है कि इसका पालन नहीं करने वाली लड़कियों और औरतों का उनके परिवार समेत बहिष्कार किया जाएगा।
जिले के बावली गांव की पंचायत में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए गांव के प्रधानपति ओमवीर ने बताया कि रविवार को गांव में अयोजित पंचायत में सामाजिक व्यवस्था को सुधारने के लिए अहम मुद्दों पर गंभीरता से चिंतन करने के बाद पंचायत ने सबसे पहले लड़कियों के जींस और तंग कपड़े पहनने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया।
‘लड़कियों का पहनावा बिगड़ता जा रहा है’
उन्होंने बताया कि पंचों ने कहा है कि लड़कियों का पहनावा दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है, जो समाज और खुद लड़कियों के हित में नहीं है, इसलिए अब गांव की किसी लड़की ने जींस या टाइट कपड़े पहने तो उसका विरोध किया जाएगा। इसके बाद भी लड़की नहीं मानी तो उसका और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जायेगा।
‘लड़कियों का शरीर छुपाने की चीज’
ओमवीर ने कहा कि कोई भी पहनावा वहां के माहौल के हिसाब से पहना जाना चाहिए। पश्चिमी देशों में जींस और तंग कपड़े पहनने का पुराना रिवाज है, इसलिए वे उसके अभ्यस्त हैं। उससे उनके समाज में आमतौर पर खराबी नहीं फैलती, लेकिन हमारे समाज में हमेशा से लड़कियों का शरीर छुपाने की चीज रही है। भारतीय परिवेश में लड़कियों के तंग कपड़े पहनने से शर्म-हया की परंपरा को चोट पहुंचती है, लिहाजा पंचायत ने यह फैसला किया है।
दहेज लेने और देने वालों का भी होगा बहिष्कार
उन्होंने बताया कि पंचायत में समाज में बढ़ती दहेज कुरीति पर चिन्ता जताते हुए दहेज लेने और देने वालों का भी बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा शादी में डीजे बुलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पंचायत ने भ्रूण हत्याओं पर भी रोक लगाने का फरमान भी सुनाया। साथ ही तेरहवीं संस्कार में भोजन ना करने की हिदायत भी दी।