बैटरी की अदला-बदली होगी संभव, ई-वाहन चलाने में नहीं आएगी अड़चन.

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बुधवार दिल्ली राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) की बोर्ड बैठक में 3 जगहों पर नए चार्जिंग व स्वैपिंग स्टेशन बनाने का फैसला लिया है। निगम ने पटपड़गंज, बवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-5 और नरेला सेक्टर-बी में स्टेशन तैयार करने की जिम्मेदारी दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड (डीटीएल) को दी है।

उद्योग मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि इनके बनने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग व बैटरी स्वैपिंग की दिक्कत नहीं रहेगी। बगैर वक्त खराब किए चालक अपने ई-वाहन की बैटरी बदल सकेंगे। जिस तरह आज हर जगह पेट्रोल पंप दिखते हैं, उसी तरह आने वाले समय में हर जगह ईवी चार्जिंग सेंटर व स्वैपिंग स्टेशन भी दिखेंगे।

बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक बाइक व कार खरीद भी रहे हैं। फिर भी, अभी कई लोगों में बैटरी चार्जिंग को लेकर संशय है। दूर के सफर के लिए यह लोग ई-वाइन को यह भरोसेमंद नहीं मानते। उनके सामने बड़ा सवाल यही रहता है कि वो अपनी गाड़ी को चार्ज कहां और कैसे करेंगे? इन लोगों का संशय दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने चार्जिंग व बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाने पर जोर दे रही है।

सत्येंद्र जैन के मुताबिक, इसका मकसद डिस्चार्ज होने पर ई-वाहन की बैटरी को बदलकर पूरी तरह चार्ज बैटरी लगाने की सुविधा देना है। इसके लिए डीएसआईआईडीसी ने जगह की पहचान कर ली है। इसे लगाने की जिम्मेदारी डीटीएल को सौंपी है। इनके तैयार होने के बाद इन जगहों पर लोग अपने वाहन की बैटरी को बदल सकेंगे। लोगों को इनकी रीयल टाइम स्थिति और चार्जिंग पॉइंट की उपलब्धता दिल्ली सरकार के वन दिल्ली ऐप पर मिलती रहेगी। जिस तरह आज हर जगह पेट्रोल पंप दिखते हैं, उसी तरह आने वाले समय में हर जगह ईवी चार्जिंग सेंटर व स्वैपिंग स्टेशन भी दिखेंगे।यहां बनेंगे ई-चार्जिंग व बैटरी स्वैपिंग स्टेशन
पटपड़गंज , भवाना इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर-5, नरेला सेक्टर-बीउद्योग मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और व्यापार को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार का मकसद कोरोना के चलते प्रभावित उद्योगों को पटरी पर लाने के साथ-साथ युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। दिल्ली सरकार मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 को हरा-भरा, स्वच्छ और बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगी। साथ ही सीवेज, सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र, औद्योगिक अपशिष्ट निपटान की व्यवस्था और सड़कों को बेहतर किया जाएगा।

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