नई दिल्ली, 07 सितंबर । देश में पोषण और बाल विकास को जनभागीदारी से मजबूत करने के लिए 9वां राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से शुरू होगा। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी महीनेभर चलने वाले इस अभियान का वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर से शुभारंभ करेंगी।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य भी मौजूद रहेंगी।
इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। इसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और बच्चों की शुरुआती शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि पोषण माह में सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों (एएमसी) के गठन और संचालन में तेजी लाई जाएगी। मंत्रालय के 25 जून 2026 के दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान के दौरान प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर कम से कम एक एएमसी बैठक आयोजित होगी।
समितियां केंद्र की सेवाओं की समीक्षा करेंगी और भोजन की गुणवत्ता एवं मेन्यू के पालन की निगरानी करेंगी। हर आंगनवाड़ी केंद्र पर पूरक पोषण कार्यक्रम का मेन्यू बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिससे रोजाना दिए जाने वाले भोजन और लाभार्थियों के अधिकारों की जानकारी सार्वजनिक रहेगी।
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम दिशा-निर्देशों में पहली बार गर्म पके भोजन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। पोषण माह के दौरान स्थानीय और आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक भोजन बनाने के प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
बाजरा, दाल और मौसमी सब्जियों को आंगनवाड़ी केंद्रों के साप्ताहिक मेन्यू में शामिल करने को बढ़ावा दिया जाएगा। पोषण मेलों और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों से जुड़े अभियान के जरिए संतुलित आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
———–