फतेहपुर, 15 सितंबर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मंगलवार को फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उप कृषि निदेशक द्वारा समस्त कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया। धान फसल की कटाई के दौरान कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस), स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ रेक, बेलर अथवा अन्य अनुमन्य फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र का अनिवार्य रूप से प्रयोग करते हुए ही की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई कम्बाइन हार्वेस्टर फसल अवशेष प्रबंधन की निर्धारित व्यवस्था के बिना फसल कटाई करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल सीज की कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामी को अपने व्यय पर आवश्यक फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र लगवाने के उपरान्त ही मशीन का संचालन करने की अनुमति दी जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों से कहा कि विगत वर्षों में जनपद फतेहपुर प्रदेश के उन जनपदों में सम्मिलित रहा है, जहाँ पराली जलाने की घटनाएं अधिक संख्या में सामने आई हैं। अतः कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे अपनी मशीन से धान की कटाई कराने वाले कृषकों को फसल कटाई के उपरान्त फसल अवशेष न जलाने के संबंध में जागरूक करें।
उन्होंने उप कृषि निदेशक व जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया कि जो कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामी बैठक में उपस्थित नहीं हुए हैं, उनके इस संबंध में सूचना अवश्य दे दें।
इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी, कृषि विभाग के अन्य अधिकारी व एक सैकड़ा कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामी उपस्थित रहे।