उत्तराखंड कैबिनेट के 24 प्रस्तावों को मंजूरी, 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण का लाभ

चम्पावत, 04 अक्टूबर । उत्तराखंड में शासन को दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की पहल के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चम्पावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में शिक्षा, विमानन, वित्तीय प्रबंधन, भूमि, वन, सिंचाई, स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़े 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने बैठक के जरिए संदेश दिया कि शासन और विकास की गतिविधियां केवल राजधानी देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आगे भी कैबिनेट की बैठकें प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित की जाएंगी, ताकि स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर मिल सके।

कैबिनेट ने उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी दी। योजना से राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। योजना पर पांच वर्षों में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

बैठक में वन भूमि हस्तांतरण के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन संरेखण के परीक्षण के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) गठित करने तथा छह पद स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने तथा नैनीताल के लालकुआं और देहरादून के जौनसार-बावर क्षेत्र में भूमि विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव भी मंजूर किए गए।

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तार के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी दी गई। संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में उपलब्ध कराए जाने वाले पैन के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने का भी निर्णय लिया गया।

कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी देते हुए एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा जीएसडीपी के 30 प्रतिशत तय करने का प्रावधान किया है।

वन विभाग की विभागाध्यक्ष व्यवस्था में बदलाव करते हुए निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल को विभागाध्यक्ष घोषित करने का निर्णय लिया गया। इससे वनाग्नि, बाढ़, आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।

छठवें राज्य वित्त आयोग की पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की मंजूरी दी गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना, राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली और सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित अधिसूचना में संशोधन को भी मंजूरी मिली।

समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया संबंधी नियमों में संशोधन करते हुए जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाने तथा उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार समाप्त करने का निर्णय लिया गया। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के कार्यक्षेत्र संबंधी विनियमों में भी संशोधन किया गया।

सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए 11 पदों को समर्पित करने और छह नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। वहीं, सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया।

कैबिनेट ने 1873 के उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम को निरस्त कर राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक-2026 को विधानसभा में रखने की मंजूरी दी। कुक्कुट आहार सब्सिडी को आधार सीडेड/लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से डीबीटी से देने का फैसला भी किया गया।

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन तथा पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था को मंजूरी दी गई।

टिहरी के नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए उसके क्षेत्राधिकार में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उप तहसील के 35, कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा उत्तराखंड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली-1952 में संशोधन, वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन तथा राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोन्स्ट्रेटर के वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी गई।

-वन भूमि हस्तांतरण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई और छह पद मंजूर।

-राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत और संचयी ऋण सीमा 30 प्रतिशत तय।

-जिला युवा कल्याण अधिकारी पद लोक सेवा आयोग के दायरे से बाहर।

-पुराने सिंचाई कानून की जगह नया सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक आएगा।

-मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना को मंजूरी, 1.19 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

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