चंपावत, 28 अक्टूबर ।नेपाल सीमा से लगे इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, अतिक्रमण की पहचान करने और सीमावर्ती गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाने को लेकर प्रशासन ने संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई सीमा संबंधी मामलों की समीक्षा बैठक में सुरक्षा से लेकर गांवों के विकास तक के मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को तस्करी रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई तेज करने को कहा गया। अवैध प्रवेश से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित करने की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि को दी गई। इसके लिए एसएसबी के साथ समन्वय बनाकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सीमा से सटे गांवों में विकास योजनाओं की प्रगति भी समीक्षा के केंद्र में रही। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की निगरानी और अधूरे काम आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं, दूरसंचार सुविधा से वंचित गांवों और सीमा चौकियों तक संपर्क सुविधा पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। भारतनेट की उपलब्धता की स्थिति जानने के लिए जिला दूरसंचार समिति की बैठक करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आर्थिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सत्यापन तथा नागरिकता से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामलों की स्थिति स्पष्ट करने और लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण करने को कहा।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विभागीय समन्वय की जरूरत रेखांकित की गई। हालांकि, बैठक में तस्करी, अतिक्रमण और संचार सुविधाओं से वंचित गांवों की संख्या या लंबित मामलों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत सहित उपजिलाधिकारी, एसएसबी और संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।