शेरगढ़ में फिर दिखे दो पैंथर, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता, बंद माइंस के मलबे में पैंथरों के बसेरे की आशंका

अजमेर, 30 अक्टूबर(हि.सं.)। मसूदा पंचायत समिति क्षेत्र के शेरगढ़ गांव में बीती रात एक बार फिर दो पैंथरों का मूवमेंट दिखाई देने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। गांव के आसपास पैंथरों की मौजूदगी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी दीपशिखा कालवी को सूचना दी। इसके बाद प्रशासन और वन विभाग की टीम सक्रिय हुई। मौके पर पहुंची एसडीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को पैंथरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी दीपशिखा कालवी मौके पर पहुंचीं और वन विभाग के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान क्षेत्र में पैंथरों के पदचिह्न भी मिले, जिनका वन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। अधिकारियों को पैंथरों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

उधर, मसूदा पंचायत समिति के ग्राम देवमंगरी क्षेत्र के डाबली गोडा में बेरी के समीप पानी पीने के दौरान एक मादा पैंथर शिकारियों द्वारा लगाए गए फंदे में फंसने की सूचना ने पहले ही वन विभाग की धड़कन बढ़ा रखी है। पैंथर का शिकारी के फंदे में फंसने गंभीर विषय है। इस पर विभागीय सतर्कता और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार पशुओं को चराने पहुंचे ग्रामीणों ने पैंथर को फंदे में फंसा देखा तो वे घबरा गए। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पैंथर को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए राजसमंद से वन विभाग की विशेष टीम बुलाई गई। मौके पर पहुंची टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए पैंथर को ट्रैक्विलाइज किया और उसे काबू में लिया। इसके बाद पैंथर को सुरक्षित तरीके से पिंजरे में डालकर राजसमंद के टाटगढ़ वन्य क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर लगाए गए फंदे की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि फंदा किसने लगाया और इसके पीछे किसका हाथ है। वन्यजीवों के शिकार के लिए इस प्रकार फंदे लगाए जाना गंभीर मामला है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। समय रहते ग्रामीणों की सूचना मिलने और वन विभाग की टीम की त्वरित कार्रवाई से मादा पैंथर को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। रेस्क्यू अभियान के दौरान मसूदा रेंजर जगदेव शर्मा, नाका इंचार्ज सतेंद्र सिंह तथा बीट कर्मचारी सेठाराम सहित वन विभाग के अन्य कार्मिक मौजूद रहे। टीम ने आवश्यक सावधानियां बरतते हुए रेस्क्यू अभियान पूरा किया। वन विभाग की ओर से मौके पर मिले फंदे की जांच की जा रही है, ताकि उसे लगाने वाले व्यक्ति की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

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