सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद समेत कई पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा

दमिश्क, 11 अगस्त । सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को सत्ता से हटाए गए पूर्व शासक बशर अल-असद और कई पूर्व सैन्य एवं सुरक्षा अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपितों को जानबूझकर हत्या, यातना, मनमाने ढंग से हिरासत में रखने और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया।

सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सना व तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के अनुसार, मामले की सुनवाई की अध्यक्षता जज फखर अल-दीन अल-आर्यन ने की। कार्यवाही के दौरान रिपब्लिक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के सलाहकार जज हसन अल-तुर्बा, ट्रांजिशनल जस्टिस के लिए राष्ट्रीय आयोग के प्रमुख अब्दुल बासित अब्दुल लतीफ और आयोग के सदस्य मौजूद रहे। सुनवाई में पीड़ितों के परिवारों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनी और मानवीय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

जज अल-आर्यन ने कहा कि अदालत ने बशर अल-असद को मानवता के खिलाफ अपराधों समेत कई गंभीर अपराधों का दोषी पाया। उनके अनुसार, असद शासन में सबसे ऊंचे स्तर पर निर्णय लेने वाले व्यक्ति थे और उन्होंने इन अपराधों में शामिल सरकारी संस्थाओं को निर्देश दिए।

अदालत ने आरोपितों को जानबूझकर और सोच-समझकर हत्या करने तथा ऐसी यातना देने का भी दोषी पाया, जिसके परिणामस्वरूप लोगों की मौत हुई।

अदालत ने पूर्व सुरक्षा अधिकारी आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई। नजीब बशर अल-असद के चचेरे भाई हैं और पहले दारा शहर में राजनीतिक सुरक्षा प्रमुख के रूप में काम कर चुके हैं।

दारा शहर 2011 में सीरिया में शुरू हुए सरकार विरोधी आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा था। इसी क्षेत्र में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद विरोध प्रदर्शन देश के दूसरे हिस्सों तक फैल गए थे।

जज अल-आर्यन ने भगोड़े माहेर हाफिज अल-असद समेत सात अन्य पूर्व अधिकारियों को भी मौत की सजा सुनाए जाने की घोषणा की। इनमें फहद जसीम अल-फरेज, मोहम्मद अयमन अयौश, लुई अली अल-अली, कुसाई इब्राहिम महयूब, वाफिक सालेह नासेर और तलाल फारेस अल-अयसामी शामिल हैं।

अदालत ने इन आरोपियों को जानबूझकर हत्या, यातना और यातना के कारण मौत जैसे गंभीर अपराधों का दोषी ठहराया।

ट्रांजिशनल जस्टिस के लिए राष्ट्रीय आयोग के प्रमुख अब्दुल बासित अब्दुल लतीफ ने आतिफ नजीब के मामले में सुनाए गए फैसले को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला पीड़ितों के अधिकारों की बहाली और कानून के शासन को मजबूत करने की दिशा में अहम है।

सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व शासन के दौरान हुए कथित अत्याचारों के लिए जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी है। अदालत का यह फैसला इसी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

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