आइची-नागोया , 21 अक्टूबर । एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय तीरंदाज शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने बुधवार को महिला कंपाउंड युगल स्पर्धा में रजत पदक जीता। वहीं, एथलेटिक्स में अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ टी-35 स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।
रैंकिंग दौर में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली भारतीय जोड़ी को स्वर्ण पदक के मुकाबले में चीन की शुएछिंग शू और जिंग झाओ की जोड़ी से 141-150 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय तीरंदाज फाइनल में अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं, जबकि चीनी जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस रजत पदक के साथ भारत को मौजूदा खेलों की पैरा तीरंदाजी स्पर्धा में पहला पदक मिला।
एथलेटिक्स में अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ टी-35 स्पर्धा में 12.72 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा।
इस बीच, भारतीय धाविका सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर दौड़ टी-12 स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली। उन्होंने अपनी हीट में 12.13 सेकंड का समय लेकर एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। सिमरन इससे पहले मंगलवार को महिलाओं की 200 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
इन प्रदर्शनों के बाद भारत के पदकों की कुल संख्या 37 हो गई और वह पदक तालिका में छठे स्थान पर रहा।
उन्नीस वर्षीय शीतल देवी भारत की प्रमुख पैरा तीरंदाजों में शामिल हैं। उन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक खेलों की मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश की सबसे कम उम्र की पैरालंपिक पदक विजेता बनने का गौरव हासिल किया था।
ओडिशा के बलांगीर की रहने वाली पायल नाग ने भी कठिन परिस्थितियों से जूझकर तीरंदाजी में अपनी पहचान बनाई है। आठ वर्ष की उम्र में बिजली का करंट लगने के कारण उनके चारों अंग प्रभावित हुए थे। इसके बाद उन्होंने कटरा स्थित माता वैष्णो देवी श्राइन तीरंदाजी अकादमी में कोच कुलदीप वेदवान के मार्गदर्शन में इस खेल का अभ्यास शुरू किया।