मुंबई: 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये मांग जोरों से उठ रही है कि एनसीपी नेता शरद पवार को यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) का अध्यक्ष बनाया जाए। हालही में एनसीपी युवा मोर्चा ने ऐसा प्रस्ताव भी पास किया था, जिसमें कहा गया था कि शरद पवार को यूपीए की कमान दी जाए।
बीजेपी को रोकने के लिए विपक्षी पार्टियों के बड़े गठबंधन को लेकर काफी समय से बातचीत चल रही है। विपक्ष के कई बड़े दल नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार को इसका नेतृत्व सौंपने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच NCP प्रमुख ने गठबंधन का नेतृत्व करने से इनकार कर दिया है।
शरद पवार ने साफ कर दिया है कि अगर विपक्षी पार्टियां साथ आती हैं तो वे उसका नेतृत्व करने के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने कहा है कि वे विपक्ष को एक मंच पर लाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। शरद पवार ने गठबंधन के नेतृत्व से फिलहाल खुद को पीछे रखने का फैसला किया है।
BJP नेता नितिन गडकरी के कांग्रेस को मजबूत होने की आवश्यकता बताने वाले बयान पर पवार ने कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्षी दल की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर केवल एक पार्टी ही मजबूत होती है तो यह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसा हो जाएगा।
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