नई दिल्ली, 03 सितंबर । उच्चतम न्यायालय ने संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को अपने से हटाए जाने से बचने के लिए इस्तीफा देने वालों के किसी भी तरह के भत्ते या सुविधा नहीं देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
याचिका प्रतीक वीरा ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि संवैधानिक पदों पर बैठे उन व्यक्तियों को किसी भी सुविधा या भत्ते का हक नहीं होना चाहिए, जो निकाले जाने या अविश्वास प्रस्ताव के जरिये हटाये जाने की आशंका की वजह से अपना इस्तीफा देते हैं। याचिका में कहा गया है कि आम जनता में ये धारणा व्याप्त है कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति हटाये जाने के डर से इस्तीफा दे देते हैं, ताकि उन्हें भत्ते या सुविधाएं मिलती रहे। इस तरह का चलन कानून के शासन के खिलाफ है।
याचिका में कहा गया है कि गैर-संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए विशेष नियम है कि अगर उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्यवाही लंबित है, तो उन्हें इस्तीफा देने की अनुमति नहीं दी जाती है। संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की स्थिति गैर-संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से ऊंची है। ऐसे में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को ऐसी छूट नहीं मिलनी चाहिए।