संकल्प से सिद्धि और साहिब की बुद्धि ,,,,

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2014 लोक सभा चुनाव 2G स्कैम पर लड़ा गया था जिसमें UPA के ए राजा और उनके सहयोगिओं को सजा हुई थी लेकिन उनपर ये इलज़ाम झूठे साबित होने की वजह से पिछले दिनों वो बाइज़्ज़त बरी होगये हैं मगर इस बीच देश की जनता ने कांग्रेस को नकारते हुए बीजेपी को उसकी उम्मीदों से ज़्यादा मैंडेट देकर सत्ता सौंपी दी  .2G स्कैम के साथ मोदी जी के कुछ चुनावी वादे भी थे जिनमें सबसे चर्चित 2 करोड़ रोज़गार हर साल देने का वादा मुख्य है . शायद इस वादे या किसी भी वादे को पूरा करने का मोदी सरकार ने संकल्प नहीं लिया था ,3 साल गुजरने के बाद चौतरफा आलोचनाओं में घिरी मोदी सरकार ने संकल्प से सिद्धि नाम की योजना का ऐलान करके एक और सियासी पैंतरा खेला है .

 

2016 में demonetisation या नोटबंदी के बाद GST के लागू करने पर बीजेपी  और मोदी सरकार  के खिलाफ देश की जनता का फूटा ग़ुस्सा यह दर्शाने लगा था के शायद अब बीजेपी का कमल मुरझा जाएगा मगर ऐसा नहीं हुआ एके बाद दुसरे कई चुनावों में कामयाबी मिली जिससे बीजेपी को बल मिला और प्रधान सेवक को अपनी चुनावी रैलियों में यह कहने का होंसला भी की हमको जनता ने पसंद किया हमारी योजनाओं को पसंद किया ,जबकि विपक्ष , बीजेपी को लगातार मिली चुनाव की कामयाबी को EVM में छेड़छाड़ बताकर इसको असंवैधानिक और धांदली से जोड़कर पेश करता रहा है  ,जिसके प्रमाण भी दिए गए मगर यहाँ “वो झूट बोलकर छूट जाएगा में सच बोलता रह जाऊँगा ” वाली मिसाल सच्ची हुई और बीजेपी ने अपनी हर नाकामी को मीडिया के माध्यम से जनता के ज़ेहनो में सकारात्मक बना कर पेश किया और सफलता हडपली  .

 

अब बात संकल्प से सिद्धि की और साहिब की बुद्धि की तो इसमें कोई शक नहीं है की हमारे प्रधान सेवक, बक़ौल जनता के , कि मोदी जी भले ही अपने किसी भी वादे को पूरा न करपाए हों किन्तु झूट इतना अच्छा बोलते हैं और मजमा इतना बढ़या लगाते हैं कि जनता मंत्रमुग्ध होजाती है ,ज़ाहिर है आखिर प्रधान मंत्री जी हैं दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के तो कुछ तो ख़ास होना ही चाहिए उनमें , 3 साल दुनिया का चक्कर काटकर और अपने वादों में नाकाम होने के बाद संकल्प से सिद्धि कि योजना लाकर एक और लॉलीपॉप जनता को दिया है ,

 

यानी 2019 जिताओ तो हम सभी वादों को पूरा करते हुए देश को विकासशील और समृद्ध बना देंगे की योजना लागू करदी और इसके लिए मौक़ा चुना “भारत छोडो आंदोलन ” कि 75वीं साल गृह, जिससे उनकी पार्टी का कोई लेना देना नहीं रहा बल्कि तथ्यों के आधार पर कहा जाए तो इस आंदोलन के विरोधी विचार धरा के Product हैं मोदी जी , इस अवसर पर मोदी जी ने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनो का भारत बनाने के लिए नागरिकों से आह्वान किया की वो इस योजना को कामयाब बनाने के आंदोलन में शरीक हों , लेकिन मोदी साहब स्वतंत्रता सेनानियों के सपनो का ये भारत नहीं है जिसमें कुछ नौजवानो को दलित होने की सजा यह मिले की उनको सरे आम गाडी से बांधकर बेल्टों और डंडो से मार माइकर अधमरा करदिया जाए , और एक मासूम को दादरी में इस लिए भीड़ ने मार दिया की इसके रेफ्रीजिरेटर में बीफ का मीट था , या राजस्थान में एक नौजवान को इसलिए सरे आम ज़िंदा को आग लगा दी गयी की किसी लड़की से शादी करलिया था , हरियाणा के एक बुज़ुर्ग को इसलिए हैवानो के हुजूम ने क़त्ल करदिया की वो किसानो से मवेशी खरीदकर दूध के लिए लारहा था .

 

क्या इसी  भारत का सपना देखा था हमारे स्वतन्त्रता सेनानियों ने ,जिसमें धर्म जाती और इलाक़े के नाम पर मार डाला जाएगा .और देश की सरहदों पर चौकसी करने वालों को अपनी सियासी भूक मिटाने के लिए बलि का बकरा बनाया जाएगा ..अगर आप ऐसे भारत के लिए देश के नौजवानो से आंदोलन का आग्रह कररहे हैं तो बेहद दुखद है .इस संकल्प और सिद्धि से जिस हिदुस्तान की तस्वीर बनाई जारही है और भारत छोडो आंदोलन की बात हो रही है वो देश को तबाह करदेगी . अब भारत किससे छुड़वाना चाहते हो?  ……

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