वसुधैव कुटुम्बकम वाली संस्कृति साथ लेकर चलने में विश्वास करती है :PM Modi

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प्रधानमंत्री और जापान के प्रधानमंत्री के बीच दिल्ली में शिष्‍टमण्‍डल स्‍तर की वार्ता हुई

नई दिल्ली :प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज  जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता की। अपने बयान में मोदी ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य वैश्विक दक्षिण की आवाज को समर्थन देना और भारत-जापान संबंधों को मज़बूत करना है।

उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कहा कि भारत के G-20 नेतृत्व का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं की आवाज़ को बुलंद करना है ।मोदी ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करने वाली संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है।

जापान के प्रधानमंत्री दो दिन की भारत यात्रा पर आज सुबह नई दिल्ली पहुंचे। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने हवाईअड्डे पर उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है। उन्होंने सुबह राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। वे आज दोपहर बाद 41वां सप्रू हाउस व्याख्यान देंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि यह वर्ष अनोखा है . इस साल भारत G-20 की अध्यक्षता कर रहा है और जापान G-7 की, इसलिए अपनी-अपनी प्राथमिकताओं और हितों पर साथ मिलकर काम करने का यह उत्तम अवसर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसके तहत दोनों देशों ने लॉजिस्टिक्स, Food Processing मसलों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग पर ध्यान केन्द्रित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श और परामर्श का सिलसिला जारी रहेगा और भारत-जापान संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। भारत और जापान के बीच पर्यटन आदान-प्रदान वर्ष 2023 का विषय ‘कनेक्टिंग द हिमालयाज़ विद माउंट फ़ूजी’ है।

उन्होंने कहा कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी, हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में क़ानून के शासन के प्रति सम्मान पर आधारित है। बताया कि भारत-जापान विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करना, भारत और जापान और भागीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।मोदी ने कहा कि यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किशिदा को इस वर्ष के अंत में जापान में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देने में भारत-जापान साझेदारी की भूमिका सहित आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। अर्थव्यवस्था और वाणिज्य, जलवायु और ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, और कौशल विकास में सहयोग पर ध्यान देना जैसे मुद्दे दोनों देशों के बीच हुई बैठक के व्यापक एजेंडे में शामिल थे।

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