जयपुर, 23 सितंबर । राजस्थान में बुधवार को आगामी पंचायतराज चुनावों के लिए पंचायत समिति प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी निकाली गई। प्रदेश की 457 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण तय होने के साथ ही ग्रामीण राजनीति का गणित बदल गया है। लॉटरी के बाद प्रदेश में 221 महिलाएं प्रधान बनेंगी। प्रधान पदों के साथ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के वार्डों का आरक्षण भी तय किया गया।
जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों में केवल 4 प्रधान पद अनारक्षित रखे गए हैं। अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों में जिले से कुल 11 महिला प्रधान बन सकेंगी। ऐसे में जयपुर जिले में प्रधान पद को लेकर संभावित दावेदारों के समीकरण अब आरक्षण के अनुसार बदलेंगे।
उदयपुर जिले में आरक्षण की तस्वीर और भी अलग रही। जिले की 20 पंचायत समितियों में केवल एक सीट अनारक्षित हुई है। वहीं यहां अन्य पिछड़ा वर्ग से एक भी प्रधान नहीं होगा। लॉटरी में डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और प्रतापगढ़ जिले पूरी तरह अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रधान पदों के कारण चर्चा में रहे।
इन चार जिलों में पंचायत समिति प्रधान पदों पर केवल एसटी वर्ग से ही प्रधान बनेंगे।
प्रधान पदों के साथ बुधवार को ही प्रदेश के 1403 जिला परिषद सदस्य और 8245 पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण भी लॉटरी से तय कर दिया गया। प्रत्येक आरक्षण श्रेणी में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। आरक्षण की लॉटरी निकलने के साथ ही प्रदेशभर में पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। अब संभावित दावेदार अपने-अपने क्षेत्र की आरक्षण स्थिति के अनुसार चुनावी रणनीति बनाने में जुटेंगे। जिन सीटों पर आरक्षण बदला है, वहां कई दावेदारों को अपनी चुनावी तैयारी और क्षेत्र भी बदलना पड़ सकता है।