रात्रिभोज पर छिड़ी सियासी जंग

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G20 शिखर सम्मलेन का देश में उत्सव है . हर एक इस कार्यक्रम में सर्कार को सहयोग दे रहा है . बात देश की गरिमा और सम्मान की है नाकि PM मोदी या बीजेपी की .इसी दौरान भारत मंडपम में शनिवार शाम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विदेशी नेताओं के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन कर रही हैं , जिसमें देश के कई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है।

 

Dinner G20
Dinner G20

लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस रात्रिभोज में निमंतरण नहीं दिया गया है ,अब इस लोकतान्त्रिक और नैतिक चूक या सियासी नफरत पर विवाद होना भी स्वाभाविक है। इससे नाराज होकर तीन कांग्रेसी सीएम ने भी रात्रिभोज कार्यक्रम से दूर रहने का फैसला किया है।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, “मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि किसी दूसरे लोकतांत्रिक देश की सरकार विश्व नेताओं के लिए आयोजित राजकीय रात्रिभोज में विपक्ष के नेता को आमंत्रित न करे। यह केवल उन देशों में हो सकता है जहां या तो कोई लोकतंत्र नहीं है या कोई विपक्ष नहीं है।”

किन राज्यों के CM नहीं होंगे शामिल

G20 शिखर सम्मलेन के मेहमानों को राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा दिए गए रात्रिभोज में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने मीडिया को यह जानकारी दी है।

हालांकि हिमाचल प्रदेश के कांग्रेसी सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खु रात्रिभोज कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं और वह शिमला से दिल्ली के लिए रवाना भी हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी ने कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला मुख्यमंत्रियों पर ही छोड़ दिया है।

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

मल्लिकार्जुन खरगे को जी20 के रात्रिभोज कार्यक्रम में ना बुलाने पर खुद खरगे ने कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन राहुल गांधी ने इसे लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी इन दिनों बेल्जियम के दौरे पर हैं। वहीं पर उन्होंने केंद्र सरकार पर जी20 के रात्रिभोज कार्यक्रम में ना बुलाने की आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार देश की 60 प्रतिशत जनता के नेता की इज्जत नहीं कर रही है। वहीं मल्लिकार्जुन खरगे को रात्रिभोज कार्यक्रम में ना बुलाने पर एक सरकारी अधिकारी ने संकेत दिया कि केवल केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और सुप्रीम कोर्ट के जजों को ही कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।

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