नई टिहरी, 12 अक्टूबर । ऐतिहासिक 50 वें मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दूसरे दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं शुरू हो गई। वहीं मेले प्रथम सांस्कृतिक संध्या पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट सहित लोकगायक किशन महिपाल, मीना राणा और संगीता ढौंडियाल की प्रस्तुतियों ने समा बांध दिया। दर्शक देर रात तक कार्यक्रमों का लुत्फ लेते दिखे।
सोमवार को कुंजापुरी मेला में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा और मेला संरक्षक व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। खेल समिति के अध्यक्ष साकेत बिजल्वाण ने अतिथियों का स्वागत किया। पहले दिन वॉलीबॉल के मुकाबले खेले गए। कैबिनेट मंत्री बत्रा ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कैबिनेट मंत्री सुबोध ने कहा कि कुंजापुरी मेला क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच प्रदान कर रहा है।
खेल समिति के अध्यक्ष बिजल्वाण ने बताया कि महिला एवं पुरुष वॉलीबॉल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को एक-एक लाख सहित 15 हजार रुपये किराया भत्ता और उपविजेता टीमों को 51-51 हजार रुपये सहित 15 हजार रुपये किराया भत्ता दिया जाएगा। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 10 हजार रुपये यात्रा भत्ता मिलेगा। कबड्डी की विजेता टीम को 21 हजार रुपये के साथ 4 हजार रुपये किराया भत्ता और उपविजेता टीम को 15 हजार रुपये के साथ 4 हजार रुपये किराया भत्ता मिलेगा।
वहीं मेले के प्रथम सांस्कृतिक संध्या रविवार शाम को पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट ने पारंपरिक जागर गायन से मां नंदा देवी और स्थानीय देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान किया। लोक गायक किशन महिपाल ने ‘फ्योंलड़िया’, ‘रानीखेता रामढोला’ और ‘घुर घुरांदी घुघुती’ जैसे गीतों से समां बांधा।
मीना राणा ने ‘मेरा डांडी-कांठियों का मुल्क’ और ‘पल्या गांव का मोहना’, संगीता ढौंडियाल ने ‘ढोल दमाऊ बाजी गेना’ और ‘देवी कुंजापुरी मैया’ जैसे गीतों से पहाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।