रीता बहुगुणा जोशी आखिरकार भाजपा में शामिल ,अपने क़दम को बताया राष्ट्रहित में

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उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आखिर कर कांग्रेस को झटका लग ही गया । कांग्रेस की पूर्व वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को राष्ट्र हित में बताया ।उन्होंने BJP की सदसयता भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में हासिल की। मैंने बहुत ही सोच समझकर यह फैसला लिया है। जोशी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर उसकी आलोचना करते गुए कहा कि हाल के दिनों में हुई गतिविधियों ने मुझे स्तब्ध कर दिया है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रीता बहुगुणा ने कहा कि सोनिया गांधी हमारी बातें सुनती थीं, लेकिन राहुल नहीं सुनते।उन्होंने कहा, ‘जब सारे विश्व ने इसको स्वीकार कर लिया कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक किया है। मुझे यह कतई पसंद नहीं आया कि कांग्रेस या अन्य पार्टियां इस पर सवाल उठाएं। ‘खून की दलाली’ जैसे शब्द का उपयोग किया गया। उससे मैं काफी दुखी हो गई। 24 सालों तक कांग्रेस की सेवा की लेकिन मुझे लगता है कि इसकी साख खत्म हो चुकी है, राहुल गांधी का नेतृत्व लोगों को स्वीकार्य नहीं है।’

रीता बहुगुणा द्वारा पार्टी छोड़ने को कांग्रेस ने धोखा करार दिया और कहा कि भाजपा ‘गद्दारों की फौज’ जुटा रही है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने रीता बहुगुणा के भाजपा में शामिल होने पर कहा, ‘उन्होंने (रीता बहुगुणा जोशी) अपनी परिवार की रीत को आगे बढ़ाया है। उनके जाने से यूपी कांग्रेस को कोई असर नहीं पड़ेगा ,बल्कि लाभ होने उम्मीदें बढ़ी हैं । इनके भाई उत्तराखंड कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए वहां कोई फर्क नहीं पड़ा।’कांग्रेस को तो कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा लेकिन BJP कितना लाभ होगा यह अभी देखना बाक़ी है ।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी को पहले ही ब्राह्मण वोटर्स का समर्थ हासिल है रीता बहुगुणा के भाजपा में शामिल होने ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ने वाला । इससे पहले मई में भी जोशी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें लगाई गई थीं। तब रीता मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव से अचानक मिलने जा पहुंची थी । बता दें, उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी रीता,2000 में समाजवादी से कांग्रेस में छलांग लगाई थी , 2007 से 2012 के बीच यूपी कांग्रेस कमेटी की अध्‍यक्ष रही हैं।

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