प्रधानमंत्री ने उग्रवादी संगठनों से हिंसा का रास्ता छोडने और असम के निर्माण में योगदान का आग्रह किया

भाजपा के वरिष्‍ठ नेता प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने उत्‍तर पर्वोत्‍तर के उग्रवादी संगठनों से आग्रह किया है कि वे हिंसा का रास्‍ता छोड दें और आत्‍मनिर्भर असम के निर्माण में योगदान करें। उन्‍होंने कहा कि एनडीए सरकार राज्‍य में स्‍थाई शांति कायम करने के लिए कार्य कर रही है और इसके नतीजे बोडोलैंड में पिछले डेढ साल के दौरान देखे जा सकते हैं। उन्‍होंने उग्रवादियों से अपील की कि वे सामाजिक जीवन की मुख्‍य धारा में लौटें।

असम में तामुलपुर में आज एक चुनाव रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस शासन के दौरान हिंसा, बम विस्‍फोर और हथियारों का बोलबाला रहा।  उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार असम समझौते को लागू करने के लिए कार्य कर रही है। श्री मोदी ने कहा कि राज्‍य के लोग विकास, स्थिरता, शांति और भाईचारा चाहते हैं और वे अब हिंसा और अस्थिरता को कतई बर्दाश्‍त नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री ने असम में अपनी पिछली चुनाव सभा में कहा था कि एनडीए सरकार समाज के सभी वर्गों के लोगों के चहुमुखी विकास के प्रति वचनबद्ध हैं। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसी खास समुदाय या क्षेत्र के साथ कभी भेदभाव नहीं किया। उन्‍होंने यह भी वायदा किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद राज्‍य में विकास कार्य तेज कर दिए जाएंगे।

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